डॉलर ढेर, रुपया शेर, कच्चे तेल की गिरावट से करेंसी मार्केट में बड़ा ‘खेला’
बुधवार की भारी गिरावट (60 पैसे) के बाद गुरुवार को भारतीय रुपए ने करेंसी मार्केट में ज़बरदस्त पलटवार किया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 94.90 के स्तर पर आ गया है। इस रिकवरी के पीछे दो बड़े ‘गेमचेंजर’ रहे—अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों का गिरना और भारतीय बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेशकों की भारी एंट्री।
आज की रिपोर्ट के 3 बड़े ‘पावर फैक्टर्स’
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1. क्रूड ऑयल का झटका: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) का तनाव कम होते ही ब्रेंट क्रूड 1.13% टूटकर 70.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। भारत के लिए तेल का सस्ता होना रुपए के लिए संजीवनी बन गया।
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2. बॉन्ड मार्केट में पैसों की बारिश: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने जून में भारतीय बॉन्ड मार्केट में 5.3 बिलियन डॉलर (करीब ₹45,000 करोड़) झोंक दिए हैं। 3 महीने की लगातार बिकवाली के बाद यह पहला बड़ा सकारात्मक इनफ्लो है।
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3. शेयर बाजार में भी दिवाली: करेंसी मार्केट के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार भी झूम उठा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 377 अंक और निफ्टी करीब 107 अंक उछल गया।
एक्सपर्ट की ‘इंडोर’ बात: क्या है RBI का प्लान?
फॉरेक्स एक्सपर्ट अमित पबारी (MD, CR Forex Advisors) के मुताबिक, बाजार में विदेशी पैसा तो आ रहा है, लेकिन RBI रुपए को बहुत ज्यादा मजबूत नहीं होने देगा। रिज़र्व बैंक इस डॉलर इनफ्लो को खुद सोखकर अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा सकता है।
आगे का अनुमान: रुपए के लिए 94.80 एक मजबूत सपोर्ट दीवार है। लेकिन ध्यान रहे, अगर कोई भी ग्लोबल निगेटिव खबर आई, तो रुपया आसानी से झटका खाकर 95.80 से 96.00 के ज़ोन में भी जा सकता है।








