शरीर के इन 6 आम बदलावों को न समझें मामूली, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत; रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े
शरीर के इन 6 आम बदलावों को न समझें मामूली, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत; रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े

शरीर के इन 6 आम बदलावों को न समझें मामूली, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत; रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े
नई दिल्ली: भारत में कैंसर के मामलों में हर साल तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है. राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान (NICPR) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल 14 से 16 लाख नए कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं. वहीं ‘नेशनल कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम’ के आंकड़े बताते हैं कि हर साल कैंसर के मामलों में 12 से 28 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है. स्थिति यह है कि आज देश में हर 9 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कैंसर होने की संभावना बनी हुई है.
दिल्ली के मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल (साकेत) में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. पी. के. दास के अनुसार, कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें गैस, इंफेक्शन या सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन समय पर पहचान न होना जानलेवा साबित हो सकता है.
शरीर के ये 6 संकेत, जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज
अगर आपके शरीर में नीचे दिए गए बदलाव लंबे समय से दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
मल या पेशाब की आदतों में बदलाव
यदि आपको लंबे समय से कब्ज (Constipation), दस्त या बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी हुई है, तो यह केवल पेट खराब होने का मामला नहीं है. यह आंत (Colon) या यूरिनरी ट्रैक्ट के कैंसर का संकेत हो सकता है.
ऐसा घाव जो ठीक न हो रहा हो
त्वचा पर कोई पुराना जख्म या मुंह का कोई छाला अगर दवाइयों के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो यह स्किन कैंसर या ओरल (मुंह) कैंसर की शुरुआती स्टेज हो सकती है.
असामान्य ब्लीडिंग (रक्तस्राव)
खांसते समय बलगम में खून आना, मल-मूत्र के रास्ते खून आना या महिलाओं में पीरियड्स के अलावा असामान्य ब्लीडिंग होना बेहद गंभीर संकेत हैं.
शरीर में गांठ या सूजन (बिना दर्द वाली गांठ)
गले, ब्रेस्ट, टेस्टिकल्स या शरीर के किसी भी हिस्से में नई गांठ या भारीपन महसूस होने पर तुरंत जांच कराएं. डॉ. दास के मुताबिक, कैंसर की शुरुआती गांठों में अक्सर दर्द नहीं होता, इसलिए दर्द न होने को ‘सुरक्षित’ न समझें.
लगातार अपच या खाना निगलने में दिक्कत
भोजन निगलने में कठिनाई या बार-बार एसिडिटी और अपच होना पेट या भोजन नली (Food Pipe) के कैंसर से जुड़ा हो सकता है. लोग अक्सर इसे सामान्य गैस समझकर टाल देते हैं.
लगातार खांसी या आवाज का बैठना
हफ्तों तक लगातार खांसी रहना या अचानक आवाज बदल जाना/बैठ जाना फेफड़ों (Lungs), गले या थायरॉयड के कैंसर का संकेत हो सकता है.
क्यों बढ़ रहे हैं मामले और क्या है बचाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खानपान (जंक फूड, प्रिजर्वेटिव्स) और बिगड़ती लाइफस्टाइल पेट और अन्य कैंसर का मुख्य कारण बन रही है. भारत में इस समय सबसे आम कैंसर में ब्लड कैंसर, लंग्स (फेफड़ों) कैंसर और माउथ (मुंह) कैंसर शामिल हैं. शरीर के इन 6 आम बदलावों को न समझें मामूली, हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत; रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े
डॉ. पी. के. दास की सलाह: “कैंसर के अधिकांश मामलों में अगर शुरुआती स्टेज (Early Detection) में ही पहचान हो जाए, तो इलाज के विकल्प बढ़ जाते हैं और मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना कई गुना बेहतर हो जाती है. सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.”








