भोपाल के ‘डायल 112 हीरोज’: घर की राह भटके 5 साल के मासूम को पुलिस ने खोजा, कुछ ही घंटों में रोती मां की गोद में लौटाया। राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के मामले में भी अग्रिम पंक्ति के नायक हैं। अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में डायल-112 के जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से रास्ता भटके एक 5 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसकी मां से मिलाया गया। पुलिस की इस तत्परता ने एक परिवार को जीवनभर का दर्द मिलने से बचा लिया।
भोपाल के ‘डायल 112 हीरोज’: घर की राह भटके 5 साल के मासूम को पुलिस ने खोजा, कुछ ही घंटों में रोती मां की गोद में लौटाया
इसरो एन सेक्टर के पास अकेला रो रहा था मासूम
यह पूरी घटना 18 मई की है। राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को दोपहर में एक राहगीर के जरिए सूचना मिली कि अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इसरो एन सेक्टर (ISRO N Sector) स्थित दुर्गा मंदिर के पास एक छोटा बच्चा काफी देर से अकेला घूम रहा है और रो रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बच्चा अपने घर का रास्ता भटक गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तत्काल अयोध्या नगर क्षेत्र में गश्त कर रहे डायल-112 (FRV) वाहन को मौके के लिए रवाना किया।
‘डायल 112’ के जवानों ने खुद संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डायल-112 स्टाफ के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) श्री मोहम्मद सादिक और पायलट श्री वैभव दुबे ने सबसे पहले रोते हुए बच्चे को दुलारा और उसे अपने सुरक्षित संरक्षण में लिया। बच्चा काफी छोटा होने के कारण अपने घर का पता बताने में असमर्थ था।
जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे को अपनी गाड़ी में बैठाया और दुर्गा मंदिर के आसपास के एक-एक किलोमीटर के दायरे में स्थानीय दुकानदारों, रहवासियों और राहगीरों से पूछताछ शुरू की।
तलाश के दौरान रोते हुए मिली मां
पुलिस टीम जब बच्चे को साथ लेकर गलियों में छानबीन कर रही थी, तभी उन्हें एक महिला बदहवास हालत में रोती-बिलखती और अपने बच्चे को ढूंढती हुई दिखाई दी। डायल-112 के जवानों ने महिला को रोककर जब गाड़ी में बैठे बच्चे को दिखाया, तो मां-बेटे दोनों की आंखें भर आईं। जवानों ने पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए आस-पड़ोस के लोगों से आवश्यक पहचान और सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया पूरी की और मासूम को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। अपने जिगर के टुकड़े को सकुशल पाकर मां ने भोपाल पुलिस और डायल-112 सेवा का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया।
डायल 112 हीरोज श्रृंखला: > मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू की गई ‘डायल 112 हीरोज’ श्रृंखला की यह घटना यह दर्शाती है कि यह विंग केवल दुर्घटनाओं या अपराधों में ही मदद नहीं करती, बल्कि बच्चों, महिलाओं और संकट में फंसे हर आम नागरिक की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तत्पर खड़ी है।

