katniLatestमध्यप्रदेश

रेल संचालन में कटनी की उपेक्षा को लेकर मजदूर संघ का एनकेजे में प्रदर्शन

कटनी(YASHBHARAT.COM)। जबलपुर रेल मंडल के कटनी में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (डबलूसीआरएमएस) की मुख्य शाखा ने आज 15 सितंबर मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एनकेजे स्थित कार्यालय के सामने हुआ। रेल कर्मचारियों और संघ के पदाधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध जताया। संघ पदाधिकारियों का कहना था कि मंडल रेल प्रशासन कटनी में पदस्थ रनिंग स्टाफ से भेदभाव करते हुए स्टाफ घटा रहा है जबकि जबलपुर में लगातार क्रू बढ़ा रहा है।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के ब्रांच अध्यक्ष वी के राय कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रेल कर्मचारियों की जायज मांगें लंबे समय से प्रशासन के सामने रखी जा रही हैं। लेकिन, इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की इसी अनदेखी के विरोध में यह सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है। वी.के. राय ने बताया कि मालगाडिय़ों का संचालन प्रशासनिक बीट और डिपो के नियमों के अनुसार नहीं हो रहा है। जबलपुर की गुड्स बीट (एनकेजे/सतना) का संचालन कटनी एनकेजे डिपो से जबरन कराया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जबलपुर के लोको पायलट ज्यादा सवारी गाडिय़ों में काम कर सकें। स्वीकृत पदों के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा स्क्रीन्ड लोको पायलट एनकेजे में होने चाहिए। लेकिन, प्रशासन उन्हें जबलपुर में तैनात कर रहा है। कटनी के साथ स्क्रीनिंग में एलपीजी कर्मचारियों को कम भेजने और कम लोगों को पास करने में भेदभाव किया जा रहा है।

 

बिलासपुर और सिंगरौली से आने वाली गाडिय़ों का संचालन नियमों के तहत कटनी डिपो से होना चाहिए। लेकिन, इसे झांसी और गुना डिपो द्वारा कराया जा रहा है। इससे कटनी के बीट लगातार कम हो रहे हैं। रेलवे द्वारा चलाई जा रही नई स्पेशल ट्रेनें (समर, पूजा स्पेशल और अमृत भारत) केवल जबलपुर डिपो को दी जा रही है। कटनी और सतना डिपो को न तो इसकी जानकारी मिलती है और न ही संचालन में उनकी हिस्सेदारी होती है। कम क्रू में गाड़ी चलाने के दबाव का बहाना बनाकर कटनी से गाडिय़ां छीन ली जाती हैं, जबकि जबलपुर डिपो पर ध्यान नहीं दिया जाता।

दो क्रू से चला रहे ट्रेन

उन्होंने कहा कि कई गाडिय़ां ऐसी हैं, जिन्हें कटनी डिपो मात्र 2 क्रू में चलाकर 1 क्रू की बचत कर सकता है, जबकि जबलपुर डिपो वही काम 3 क्रू के माध्यम से करा रहा है। कटनी डिपो के रनिंग कर्मचारियों में इस बात को लेकर बेहद गुस्सा है कि वे 10-12 वर्षों से मालगाड़ी चलाने को मजबूर हैं, जबकि जबलपुर और सतना में काफी जूनियर लोको पायलट मेल व एक्सप्रेस गाडिय़ों में कार्य कर रहे हैं।

केंद्रीयकृत लिंक के अनुसार हो ट्रेनों का संचालन 

संघ ने रेल प्रशासन से मांग की है कि कटनी डिपो की उपेक्षा बंद कर केंद्रीयकृत लिंक के अनुसार ही गाडिय़ों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल रेलवे के राजस्व की बचत होगी, बल्कि मैनपावर का भी सही उपयोग हो सकेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कटनी डिपो के अधिकार क्षेत्र की गाडिय़ों का संचालन शीघ्र शुरू नहीं किया गया और की गई कार्रवाई से संघ को अवगत नहीं कराया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Back to top button