Delhi Student Protest LIVE: जेपी नड्डा के साथ 2 घंटे चली CJP की बैठक; पेपर लीक पर 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का बनेगा कानून
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सबसे बड़ी पहल की गई है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सरकार से नीट (NEET) समेत कई मुद्दों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों जूस पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
वहीं, दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब/वीपी हाउस में करीब दो घंटे तक मैराथन बैठक चली।
CJP की प्रमुख मांगें और सरकार की सहमति
बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने सरकार के सामने 5 पैराग्राफ का लिखित मांग पत्र रखा। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार:
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FIR और केस वापसी पर सहमति: प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियों (FIR) और कानूनी मामलों को वापस लेने पर सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
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पीड़ितों को मुआवजा: आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर भी सकारात्मक सहमति बनी है।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सस्पेंस: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग पर सरकार ने कल (शनिवार) दोपहर तक का समय मांगा है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि CJP की मांगों और परीक्षा सुधारों के 5 सुझावों पर सरकार के भीतर चर्चा की जाएगी और शनिवार दोपहर दोबारा बैठक होगी।
“इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं” – जंतर-मंतर पर डटी CJP
एक तरफ सोनम वांगचुक का अनशन खत्म हो गया है, लेकिन CJP नेताओं (अभिजीत दीपके) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा। Delhi Student Protest LIVE: जेपी नड्डा के साथ 2 घंटे चली CJP की बैठक; पेपर लीक पर 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का बनेगा कानून
पेपर लीक रोकने के लिए आ रहा है कड़ा कानून
देश भर में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार संसद के पटल पर एक नया कड़ा विधेयक (Bill) पेश करने जा रही है। इस नए कानून के तहत:
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सख्त सजा: पेपर लीक के मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल का प्रावधान होगा।
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भारी जुर्माना: दोषियों पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
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फास्ट ट्रैक सुनवाई: मामलों का निपटारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए 3 महीने के भीतर किया जाएगा।








