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दिल्ली कोर्ट ने योगी के नाम से फर्जी पत्र भेजने वाले को दोषी ठहराया

दिल्ली कोर्ट ने योगी के नाम से फर्जी पत्र भेजने वाले को दोषी ठहराया।दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक शख्स शिवाजी यादव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से फर्जी पत्र बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजने और BJP टिकट की मांग करने के मामले में दोषी ठहराया है।

दिल्ली कोर्ट ने योगी के नाम से फर्जी पत्र भेजने वाले को दोषी ठहराया

कोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के नाम का गलत इस्तेमाल सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह जनता के भरोसे को भी चोट पहुंचाता है। राउज एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी ने कहा, “जब यह किसी जाली सरकारी काम का रूप ले लेता है, तो यह जनता के भरोसे की नींव पर चोट करता है।”

मामला क्या था?

यह मामला 10 जून 2019 के एक लेटर से शुरू हुआ, जो कथित रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था। पत्र में आरोपी के लिए लखनऊ कैंट सीट से BJP टिकट की सिफारिश की गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र को संदिग्ध पाया और CBI ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि यह पत्र जाली था और मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी नहीं किया गया।

कोर्ट का निर्णय

कोर्ट ने आरोपी शिवाजी यादव को भारतीय दंड संहिता, 1860 के सेक्शन 465 (जालसाजी) और 471 (जाली दस्तावेज़ का इस्तेमाल) के तहत दोषी ठहराया। आदेश में कहा गया कि आरोपी ने जानबूझकर जाली पत्र बनाया और इसे असली के तौर पर भेजा।

कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारियों के नाम का गलत इस्तेमाल सरकारी प्रक्रियाओं और संचार की पवित्रता को नुकसान पहुंचाता है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम