अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोज

कटनी। अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 “शिक्षा में विकसित भारत” के अंतर्गत दिनांक 06 अक्टूबर 2026 को शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में “शिक्षा में एआई का प्रभाव” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) तथा शिक्षा के क्षेत्र में इसके बढ़ते प्रभाव के प्रति जागरूकता विकसित करना एवं तार्किक अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देना था।

प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। पक्ष में रशिका राज (B.Sc. प्रथम वर्ष), गोरी बहल (B.A. तृतीय वर्ष) एवं जितेश्वरी दुबे (B.Com. प्रथम वर्ष) ने अपने विचार रखे। वहीं विपक्ष में आस्था तिवारी (B.Sc. द्वितीय वर्ष), अरविया खान (B.A. तृतीय वर्ष) एवं ईशा उपाध्याय(B.Sc. द्वितीय वर्ष) ने प्रभावशाली ढंग से अपने तर्क प्रस्तुत किए।

पक्ष में बोलते हुए छात्राओं ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को अधिक सुगम, प्रभावी, व्यक्तिगत एवं तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एआई की सहायता से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, विषय संबंधी जानकारी, भाषा अनुवाद, समस्या समाधान तथा व्यक्तिगत सीखने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। वहीं विपक्ष में छात्राओं ने एआई के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण एवं संतुलित तरीके से किया जाना आवश्यक है। विद्यार्थियों में मौलिक चिंतन, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने एआई के लाभ एवं संभावित चुनौतियों पर तार्किक एवं तथ्यपरक विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों के बीच प्रश्नोत्तर एवं प्रतितर्क का भी प्रभावी आदान-प्रदान हुआ, जिससे कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं रोचक बना।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य मानव बुद्धिमत्ता का स्थान लेना नहीं, बल्कि शिक्षा को अधिक प्रभावी और नवाचारपूर्ण बनाना होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को एआई का उपयोग जिम्मेदारी, नैतिकता एवं रचनात्मकता के साथ करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी छात्राओं को उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

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