नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस कार्यसमिति (Congress Working Committee) की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में हिस्सा लेने के लिए सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल, मनमोहन सिंह, दीपेंद्र हुड्डा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केसी वेणुगोपाल समेत कई दिग्गज नेता पहुंच चुके हैं। जानें बैठक से जुड़ा हर अपडेट…
हाइलाइट्स
– कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि बैठक के अंत में राहुल गांधी संबोधित करेंगे। अभी तक राहुल गांधी ने सदस्यों के बीच अपनी राय नहीं रखी है।
– कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी के इस्तीफे की खबरें गलत हैं। बैठक जारी है…
- सूत्र बताते हैं कि बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल को समझाया कि इस्तीफे की जरूरत नहीं है। हार जीत लगी रहती है।
- राहुल की पेशकश के बाद सभी सदस्यों ने कहा कि आप इस्तीफा न दें। बैठक से पहले प्रियंका गांधी और मनमोहन सिंह ने बात की।
– सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) हार की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए इस्तीफे की पेशकश की जिसे सदस्यों ने ठुकरा दिया।
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बैठक में नहीं पहुंचे हैं। बैठक में मध्य प्रदेश और कर्नाटक में पार्टी की एकजुटता को भी बनाए रखने पर चर्चा हुई।
- कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा अपने भाई राहुल गांधी के साथ पहुंचीं। ऐसा लग रहा था मानो संदेश देना चाहती हैं कि वह हर मुश्किल परिस्थिति में राहुल के साथ हैं।
- मुख्यालय पहुंचे कांग्रेस नेता एके एंटनी, अशोक गहलोत, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया और मोतीलाल वोरा।सूत्रों ने बताया बैठक में हार के कारणों पर हो सकती है चर्चा…
– बैठक में भाग लेने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया भी मुख्यालय पहुंच चुके हैं।
– पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में राहुल का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, राज बब्बर का हटना तय माना जा रहा है।
फिलहाल, कर्नाटक कांग्रेस प्रचार समिति (Karnataka Congress Campaign Committee) के अध्यक्ष एचके पाटिल (HK Patil) ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पत्र लिखकर कहा है कि यह हम सभी के लिए आत्मनिरीक्षण करने का वक्त है। मुझे लगता है कि इस हार की जिम्मेदारी लेना हमारा नैतिक कर्तव्य है, इसलिए मैं पद से अपना इस्तीफा देता हूं।
बता दें कि अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा की स्मृति इरानी ने भारी अंतर से राहुल को शिकस्त दी है। राहुल को 4,13,394 मत जबकि स्मृति ईरानी को 4,68,514 मत मिले। हालांकि राहुल ने केरल की वायनाड सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज की। इन नतीजों के बाद अमेठी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। योगेंद्र ने इस हार की जिम्मेदारी खुद पर ली है। इसके अलावा ओडिशा अध्यक्ष निरंजन पटनायक और कर्नाटक चुनाव प्रभारी एसके पाटिल भी इस्तीफा दे चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 303 सीटें हासिल करके एकबार फिर इतिहास रच दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी की चुनावी सुनामी विपक्षी किला ध्वस्त हो गया है। इस ‘मोदी सुनामी’ का ही नतीजा है कि तीन राज्यों को छोड़कर पूरा देश मोदीमय हो गया है। इस सुनामी में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा है। साल 1971 के बाद यह दूसरा मौका होगा जब किसी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनकी पार्टी केंद्र में लगातार दूसरी बार सरकार बनाएगी।