कैमोर में दशहरा देखने उमड़ा जनसैलाब, एक लाख दर्शकों की मौजूदगी में जला 100 फीट ऊंचा रावण
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने की पूजा-अर्चना, आकर्षक आतिशबाजी ने मोहा मन; चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आयोज
कैमोर। दशहरा पर्व पर कैमोर के रामलीला मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में इस बार जनसैलाब उमड़ पड़ा। शाम से ही दर्शकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शाम 7 बजे तक लगभग 50 हजार लोगों की क्षमता वाला रामलीला मैदान खचाखच भर गया। इसके अलावा समीप स्थित प्रदर्शनी ग्राउंड और आसपास की सड़कों पर भी भारी भीड़ जमा रही। अनुमान के मुताबिक, रावण दहन और आतिशबाजी देखने के लिए मैदान तथा आसपास के लगभग एक किलोमीटर के दायरे में करीब एक लाख लोग मौजूद रहे। भारी भीड़ के चलते सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। एसीसी-अडानी प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दशहरा चल समारोह के समापन के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का एसीसी खदान में सुरक्षित विसर्जन किया गया। इसके बाद लोगों का रुख रामलीला मैदान की ओर हो गया। सड़क के दोनों ओर दूर तक लगी दुकानों और श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने की पूजा-अर्चना
मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। मैदान पहुंचने पर प्लांट हेड सुदीप्तो मंडल, हेड एचआर दिनेश पाठक, इंटक अध्यक्ष पंकज पीढ़िया और नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
विधायक पाठक ने रामलीला मंच पर पहुंचकर राम दरबार की पूजा-अर्चना की तथा भगवान श्रीराम और पवनसुत हनुमान के जयकारे लगवाए। उन्होंने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। साथ ही आयोजन की परंपरा को सफलतापूर्वक निभाने के लिए अडानी प्रबंधन की सराहना की।
अपने उद्बोधन में विधायक ने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से दशहरे पर कैमोर आते रहे हैं। बचपन में अपने दादाजी और बाद में पिता सत्येंद्र पाठक के साथ वे सपरिवार यहां दशहरा देखने आते थे। आज भी कहीं भी रहें, दशहरे पर कैमोर पहुंचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कैमोर के विशाल रावण की आकर्षक बनावट और करीब 100 फीट ऊंचाई की प्रशंसा करते हुए पुतला तैयार करने वाले कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय निश्चित है, जबकि अभिमान और अहंकार का अंत अवश्य होता है।
आधे घंटे तक आसमान में बिखरी रंगीन रोशनी
रावण दहन से पहले शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। तेज आवाज के साथ आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी रोशनियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लगभग आधे घंटे तक लोग आतिशबाजी का आनंद लेते रहे। इसके बाद रामलीला मंच से भगवान श्रीराम का अग्निबाण छोड़ा गया, जिसके लगते ही विशाल रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दृश्य को देखने के लिए मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद, नहीं हुई अप्रिय घटना
कैमोर में दशहरा आयोजन के दौरान पूर्व वर्षों में छेड़छाड़, मारपीट और भीड़ के कारण अव्यवस्था जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इस बार पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा एवं एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशीष शर्मा ने सड़क से लेकर रामलीला मैदान तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखा गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर चारपहिया और दोपहिया वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। मैदान के सभी प्रवेश द्वारों पर एसीसी-अडानी के सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस जवान तैनात रहे। करीब 15 से 20 दिनों तक चले आयोजन के दौरान किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए लोगों ने थाना प्रभारी आशीष शर्मा और अडानी प्रबंधन की सराहना की।
नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर, उपाध्यक्ष संतोष केवट और सीएमओ लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। नगर परिषद की ओर से साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई। विशाल जनसमूह की मौजूदगी के बावजूद आयोजन का शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद और आयोजन प्रबंधन की समन्वित तैयारियों का परिणाम रहा।

