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न चारा न चिकित्सा, गौशालाओं में भूख-प्यास से तड़पकर दम तोड़ रहा गौवंश, बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी

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कटनी। शासन व प्रशासन के द्धारा सड़कों पर आवारा विचरण करने वाले गौवंश को पकड़ कर गौशाला में रखने की सख्ती तो दिखाई जा रही है लेकिन गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने कोई पहल नहीं की जा रही है।

गौशालाओं में व्यवस्थाएं न होने के कारण सड़क से गौशाला पहुंच कर गौवंश भूख व प्यास से दमतोड़ रहा है। बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में ब्लाक व गांव स्तर पर गोशालाएं संचालित हो रही हैं लेकिन यहां न चारा है न चिकित्सक। ऐसे में सैकड़ों गोवंश तड़पकर दम तोड़ रहे हैं।

निराश्रित गो आश्रय स्थल जहां पर इन दिनों चारा और चिकित्सा के अभाव में गोवंश दम तोड़कर सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। लग रहा है इन दिनों इनकी देखभाल अधिकारियों की प्राथमिकता पर नहीं है। बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें उनके संरक्षण से लेकर खाने व चिकित्सा तक की व्यवस्था है।

लेकिन ये सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित होती नजर आ रही है। इसकी हकीकत मालीपुर और दूधली गौ आश्रय स्थलो में आसानी से देखी जा सकती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के निर्देश के बाद सड़क पर आवारा विचरण करने वाले सभी मवेशियों को सुरक्षित गौशाला व नगर निगम के कांजी हाउस में रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

जिसके बाद सख्ती की जा रही है और मवेशियों को बुरी तरह से पकड़ कर गौशाला व कांजी हाऊस भेजा जा रहा है लेकिन गौशालाओं में भी मवेशी सुरक्षित नहीं है। यहां भूसा, चारा व पानी की व्यवस्था न होने के कारण मवेशी भूख प्यास से दम तोड़ रहे हैं। गौशालाओं का जायजा लेने बजरंगदल की एक टीम गतदिवस अमीरगंज स्थित कांजी हाउस पहुंची तो वहां का नाजारा देखकर उनका माथा ठनक गया।

यहां भूख व प्यास से एक गाय मृत पड़ी हुई थी तो अधिकांश मवेशी भूख व प्यास से तड़प रहे थे। नगर निगम के द्वारा जो कर्मचारी गौशाला की व्यवस्था में लगाए गए थे वो भी नदारद थे। किसी भी चहली में भूसा तक नहीं था।

जिसके बाद बजरंग दल के नगर सुरक्षा प्रमुख भूरा यादव, नगर सहमंत्री करण मिश्रा, सम्मी ठाकुर, निलेश सिंह परिहार सहित तमाम पदाधिकारियों ने शासन व प्रशासन को चेतावगी दी है कि सड़क पर आवारा विचरण करने वाले मवेशियों को तभी पकड़कर गौशाला भेजा जाए, जब गौशाला में पर्याप्त भूसा, चारा व पानी हो। यदि ऐसा नहीं किया गया तो बजरंग दल धरना, प्रदर्शन व आंदोलन करने मजबूर होगा। जिसकी पूरी जबाबदारी शासन व प्रशासन की होगी।

सीसीटीवी कैमरों से हो गौशालाओं की निगरानी

बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को गौशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से लैस करना चाहिए तथा एक अलग से कंट्रोल रूम बनाकर गौशालाओं में की जाने वाली व्यवस्थाओं की निगरानी करनी चाहिए।

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