रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 'विरोध प्रदर्शनों' की तस्वीरें हटाने पर विवाद: बीकानेर हाउस प्रबंधन पर सेंसरशिप का आरोप, प्रियंका गांधी बोलीं- "सत्ता जब डरती है, ताकत खो देती है" नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ (No Idea Is Final) को लेकर बड़ा राजनीतिक और कलात्मक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी की शुरुआत से कुछ ही घंटे पहले प्रबंधन ने विरोध प्रदर्शनों और युवाओं के आंदोलनों से जुड़ी 70 से ज्यादा तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया। रेहान का आरोप है कि उन्हें तिरंगे (राष्ट्रीय ध्वज) की दो तस्वीरें तक हटाने को कहा गया, जिससे उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं प्रियंका गांधी ने अपने बेटे के समर्थन में भावुक और कड़ा संदेश साझा किया है। क्या है पूरा मामला? रेहान वाड्रा द्वारा आयोजित 'नो आइडिया इज़ फाइनल' प्रदर्शनी में वन्यजीवन, अमूर्त कला (Abstract Art) और पिछले छह महीनों में दिल्ली (जंतर-मंतर सहित) में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों का दस्तावेजीकरण किया गया था। 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाई गईं: प्रदर्शनी के लिए कुल 100 से ज्यादा तस्वीरें लगाई गई थीं, लेकिन प्रबंधन के कड़े रुख के बाद केवल करीब 40 तस्वीरें ही प्रदर्शित की जा सकीं। अल्टीमेटम का आरोप: रेहान के अनुसार, प्रिव्यू से ठीक कुछ घंटे पहले उन्हें निर्देश दिया गया कि अगर शाम 5 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो पूरी प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। राजनीतिक माहौल का हवाला: प्रबंधन ने कथित तौर पर कहा कि "मौजूदा राजनीतिक माहौल में इन तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है।" कलाकार का पक्ष: रेहान ने स्पष्ट किया कि तस्वीरों में कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था, बल्कि वे देश में घट रही घटनाओं का एक निष्पक्ष दस्तावेजीकरण थीं। प्रदर्शनी फिलहाल बीकानेर हाउस में आंशिक रूप से चल रही है, लेकिन रेहान अब किसी नए स्थान की तलाश कर रहे हैं जहां वह इन सभी हटाई गई तस्वीरों को पूरा संग्रह प्रदर्शित कर सकें। प्रियंका गांधी का समर्थन: "सत्ता जब अभिव्यक्ति से डरती है..." बेटे के समर्थन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा: "जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी और की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे इसका एहसास नहीं होता, लेकिन वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है। आप हमेशा सही के लिए खड़े रहो... मुझे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा।" अशोक गहलोत का बीजेपी पर हमला: "सच्चाई से डरती है सरकार" राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली का बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है और बीजेपी सरकार की निगरानी में एक युवा कलाकार की स्वतंत्रता को दबाया गया है। लोकतंत्र पर हमला: गहलोत ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों और तिरंगे की तस्वीरों को हटाने का दबाव बनाना सीधे तौर पर लोकतंत्र और कलात्मक अभिव्यक्ति पर हमला है। सच का डर: उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को जनता के सामने आने वाले युवाओं के सच और आंदोलनों से डर लगता है। बीकानेर हाउस प्रशासन का रुख विवाद बढ़ने के बावजूद बीकानेर हाउस के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वे इस विषय पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।