ढीमरखेड़ा में वन्यजीवों के शिकार की साजिश नाकाम, 3 शिकारी गिरफ्तार

ढीमरखेड़ा में वन्यजीवों के शिकार की साजिश नाकाम, 3 शिकारी गिरफ्ता
कटनी। जिले के ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत वन विकास निगम की टीम ने वन्यजीवों के शिकार की एक बड़ी योजना को विफल कर दिया है। कुंडम प्रोजेक्ट की टीम ने देर रात परसेल और भमका के जंगलों में छापेमारी कर तीन शिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, वन विकास निगम कुंडम परियोजना की डिप्टी डीएम अभिश्वेता रावत को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि भमका गांव के पास कुछ शिकारी जंगली जानवरों को करंट लगाकर शिकार करने की नीयत से घात लगाए बैठे हैं। सूचना मिलते ही विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर दबिश दी।
करंट लगाने का सामान और बाइक जब्त
वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दादर सिंहुडी गांव के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। टीम ने मौके से शिकार में इस्तेमाल होने वाला तार, करंट लगाने के उपकरण और दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी, जो जबलपुर जिले के कुंडम थाना अंतर्गत ग्राम बरहा का निवासी बताया जा रहा है, उसकी तलाश जारी है।
मादा तेंदुए की मौत से जुड़ा हो सकता है मामला
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक मादा तेंदुए की मौत हुई थी। प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए शिकारी लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय थे और उस घटना में भी इनकी संलिप्तता हो सकती है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
डिप्टी डीएम अभिश्वेता रावत ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।








