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भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत: सिंगापुर की ‘हेलियोस कैपिटल’ का अडानी एंटरप्राइजेज पर सबसे बड़ा दांव; खरीदे 7.7 लाख शेयर

भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत: सिंगापुर की 'हेलियोस कैपिटल' का अडानी एंटरप्राइजेज पर सबसे बड़ा दांव; खरीदे 7.7 लाख शेयर

भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत: सिंगापुर की ‘हेलियोस कैपिटल’ का अडानी एंटरप्राइजेज पर सबसे बड़ा दांव; खरीदे 7.7 लाख शेयर

मुंबई/सिंगापुर: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा एक बार फिर नए शिखर पर पहुंच रहा है. इसी कड़ी में कॉरपोरेट जगत से एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है. सिंगापुर की मशहूर एसेट मैनेजमेंट कंपनी हेलियोस कैपिटल (Helios Capital) ने भारत में अपने अगले सबसे बड़े दांव (Next Big Pick) के रूप में अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) को चुना है.

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, हेलियोस कैपिटल ने दूसरी तिमाही में अपने तीन फंड्स के जरिए अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के लगभग 7,70,000 (7.7 लाख) शेयर खरीदे हैं. खास बात यह है कि इनमें से दो फंड्स ने पहली बार इस स्टॉक में एंट्री ली है.

क्यों बढ़ रहा है अडानी ग्रुप पर निवेशकों का भरोसा?

हेलियोस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने एक इंटरव्यू में अडानी ग्रुप पर दांव लगाने के मुख्य कारणों को स्पष्ट किया है:

  • विवादों और चिंताओं का अंत: अमेरिकी प्रतिबंधों और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों पर हालिया समझौतों के बाद ग्रुप से जुड़ी कानूनी और साख (Reputation) संबंधी चिंताएं अब काफी कम हो गई हैं.

  • शानदार बिजनेस एग्जीक्यूशन: समीर अरोड़ा के मुताबिक, “हमें हमेशा से अडानी ग्रुप के काम करने का तरीका (Execution) पसंद आया है. हमारे पास पहले से ‘अडानी पोर्ट्स’ के शेयर हैं, इसलिए हम इस ग्रुप के काम को अच्छे से जानते हैं.”

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल एक्सपेंशन: अडानी ग्रुप अपनी बड़ी एनर्जी एसेट्स का फायदा उठाते हुए डेटा सेंटर्स और डिजिटल एक्सपेंशन में लगभग 100 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम निवेश करने की योजना बना रहा है.

AI और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया ट्रेंड: भारत में मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर बेस की कमी के कारण वैश्विक और स्थानीय निवेशक दूसरे स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर मौकों (जैसे डेटा सेंटर और पावर) पर ध्यान दे रहे हैं. यही वजह है कि हेलियोस के अलावा कैपिटल ग्रुप और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसी बड़ी कंपनियां भी अडानी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं.

AI के कारण सॉफ्टवेयर सेक्टर से बनाई दूरी, जोमैटो-Paytm पर भरोसा

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पूरी दुनिया के टेक सेक्टर को बदल रहा है, हेलिओस ने अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव किया है.

  • IT सेक्टर से एग्जिट: एआई की वजह से सॉफ्टवेयर सर्विसेज सेक्टर में आए बदलावों को देखते हुए फंड ने अपने कुछ सबसे बड़े और पुराने आईटी निवेशों से जल्दी बाहर निकलने का फैसला किया है. भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत: सिंगापुर की ‘हेलियोस कैपिटल’ का अडानी एंटरप्राइजेज पर सबसे बड़ा दांव; खरीदे 7.7 लाख शेयर

  • इन शेयर्स पर नजर: समीर अरोड़ा वर्तमान में फूड डिलीवरी कंपनी इटरनल लिमिटेड (Zomato) और पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड जैसी कंपनियों को लेकर काफी पॉजिटिव हैं.

हेलियोस फ्लेक्सी कैप फंड का दमदार प्रदर्शन

समीर अरोड़ा के प्रबंधन वाले 75.8 अरब रुपये (795 मिलियन डॉलर) के ‘हेलियोस फ्लेक्सी कैप फंड’ ने पिछले साल लगभग 8 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. यह प्रदर्शन इस सेक्टर के 91 फीसदी फंड्स के मुकाबले कहीं बेहतर है, खासकर तब जब इस अवधि के दौरान निफ्टी 500 TR में 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी.

भारत के समग्र बाजार (Broader Outlook) को लेकर नजरिया

हेलियोस कैपिटल भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर बेहद आश्वस्त है. उनका मानना है कि भारत के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियां अब खत्म हो रही हैं:

  • स्थिरता: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार स्थिर हो रही हैं.

  • मजबूत रुपया: भारतीय बॉन्ड्स में विदेशी निवेश आने की पूरी उम्मीद है, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी कम होगी.

  • इन सेक्टर्स पर फोकस: फंड ने अपना ध्यान अब मुख्य रूप से फाइनेंशियल, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और कंज्यूमर कंपनियों की ओर ट्रांसफर कर दिया है.

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