निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने चिलचिलाती धूप के बीच साइलो केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां पहुंचे किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों से खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो बेहिचक बताएं।
इस दौरान एसडीएम बहोरीबंद श्री राकेश कुमार चौरसिया, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री सज्जन सिंह परिहार, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री पियूष शुक्ला एवं मध्यप्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के जिला प्रबंधक श्री सेंगर उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और किसानों को हर स्तर पर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने साइलो केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर्स की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, ताकि पंजीयन कार्य सुचारू रूप से हो सके।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि नई व्यवस्था से उपार्जन प्रक्रिया अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हुई है। किसानों ने कहा कि साइलो केंद्र पर पल्लेदारों की आवश्यकता नहीं पड़ती और तौल प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी है, जिससे समय की बचत हो रही है।
जानकारी के अनुसार सलैया पटोरी साइलो केंद्र की प्रतिदिन गेहूं उपार्जन क्षमता लगभग 20 हजार क्विंटल है। यहां दो दिनों में ही करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इस केंद्र से लगभग साढ़े 6 हजार किसान जुड़े हुए हैं।
साइलो प्रणाली के माध्यम से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर टोकन, गुणवत्ता परीक्षण, QR कोड स्कैनिंग, इलेक्ट्रॉनिक तौल और वैज्ञानिक भंडारण जैसी आधुनिक प्रक्रियाओं से उपार्जन कार्य किया जा रहा है।
केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार स्थान, पेयजल, तौल कांटे, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जन किया जा रहा है।
जिले के कुल 22 उपार्जन केंद्रों को सलैया पटोरी साइलो केंद्र से संबद्ध किया गया है, जिससे उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जा सके।