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भोपाल सेंट्रल जेल में चीनी ड्रोन का मिलना, सुरक्षा एजेंसियों में बेचैनी

Vivo Flying Drone कैमरा फ़ोन, 200MP ड्रोन कैमरा क्वालिटी और 6900mAh बैटरी के साथ, कीमत मात्र इतनी

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भोपाल।भोपाल सेंट्रल जेल में चीनी ड्रोन का मिलना, सुरक्षा एजेंसियों में बेचैनी। सेंट्रल जेल के भीतर एक चीनी ड्रोन मिला है। काले रंग के इस ड्रोन में कैमरे भी लगे हैं। इसकी बैटरी भी चार्ज पाई गई है। इस जेल में 69 आतंकवादी बंद हैं, जो अलग-अलग संगठनों से संबंध रखते हैं। ऐसे में ड्रोन मिलने से खलबली मची हुई है।

अभी तक यह सामने नहीं आ पाया है कि ड्रोन किसने और किस उद्देश्य से भेजा। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इसकी पड़ताल शुरू कर की है।

कैमरा व फुल चार्ज मिला ड्रोन

  • जेल अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने बताया कि जेल में ब-खंड के पास एक दोमंजिला बिल्डिंग बन रही है। यहां स्थित हनुमान मंदिर के पीछे बुधवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे एक ड्रोन गिरा पाया गया। इस पर सबसे पहले नजर वहां ड्यूटी कर रहे जेल प्रहरी सोनेवाल चौरसिया की पड़ी थी।
  • उसे कब्जे में लेकर चेक किया गया, तो उसमें लगी बैटरी चार्ज पाई गई। काले रंग के इस ड्रोन में कैमरे भी लगे हैं। इसके साथ ही चालू होने पर इसमें रंग-बिरंगी लाइट भी जलती हैं। जांच के दौरान ड्रोन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
  • हालांकि प्रारंभिक जांच में चीन निर्मित यह ड्रोन खिलौना प्रतीत हो रहा है, लेकिन अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में इसके पहुंचने को काफी गंभीरता से लिया है। घटना के बारे में डीजीपी, डीजी जेल, अन्य आला अधिकारियों को बता दिया गया है। खुफिया एजेंसियां ने भी इसकी जांच शुरू कर दी है।

ड्रोन की कर रहे जांच

गांधी नगर थाना प्रभारी सुरेश फरकले ने बताया कि ड्रोन को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है कि आखिर कैसे यह जेल के अंदर तक पहुंच गया है। इसके लिए जेल में कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं।

जेल में बंद आरोपियों में से दो को फांसी की सजा

भोपाल सेंट्रल जेल के उच्च सुरक्षा वाले सेल में सिमी के 23 आतंकी हैं। उनके साथ पापुलर फ्रंट आफ इंडिया के 21, हिज्ब उत तहरीर के 17, आइएसआइएस के चार और जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश के चार आतंकी बंद हैं।

यहां 2008 में हुए अहमदाबाद ब्लास्ट मामले में फांसी की सजा पाए दो आतंकी सबली उर्फ साबित अब्दुल करीम मुस्लिम और कमरुद्दीन चांद मोहम्मद नागौरी को भी रखा है, इसलिए ड्रोन को लेकर खलबली है।

2016 में जेल ब्रेक कर चुके हैं आतंकी

  • 30-31 अक्टूबर 2016 को सेंट्रल जेल भोपाल में जेल ब्रेक की घटना हो चुकी है, तब यहां से सिमी के आठ खतरनाक आतंकी प्रधान प्रहरी रमाशंकर का गला रेतकर जेल से फरार हो गए थे।
  • हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जेल से 10 किलोमीटर दूर मनीखेड़ी के पठार पर सभी को एनकाउंटर में मार गिराया था।

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सीसीटीवी फुटेज देख कर रहे जांच

हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त, भोपाल ने कहा कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। शुरुआती जांच में चीनी ड्रोन दिख रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों से भी इसकी जांच कराई जा रही है।

भोपाल सेंट्रल जेल में चीनी ड्रोन का मिलना, सुरक्षा एजेंसियों में बेचैनी

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