मुख्य सचिव अनुराग जैन की कलेक्टर्स को दो टूक; तय समय में निपटाएं नामांतरण-बंटवारा, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
भोपाल/कटनी: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) श्री अनुराग जैन ने बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की मैराथन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को सुशासन पर केंद्रित रहने और आम जनता से जुड़े कल्याणकारी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में दो टूक हिदायत दी गई कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में दर्ज कोई भी शिकायत 50 दिन से अधिक समय तक लंबित न रहे। इसके साथ ही नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के सभी मामलों को समय-सीमा के भीतर निराकृत किया जाए; ऐसा न करने वाले गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस उच्च स्तरीय वीसी में कटनी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी (NIC) कक्ष से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और निगमायुक्त तपस्या परिहार सहित जिले के तमाम आला अधिकारी वर्चुअली जुड़े रहे।
मॉनसून से पहले बाढ़ राहत और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम हों
आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को समय से पहले एक्टिव मोड में आने को कहा है:
-
राहत शिविरों की तैयारी: बारिश शुरू होने से पहले सभी जिलों में बाढ़ राहत तथा आपदा प्रबंधन की समीक्षा पूरी कर ली जाए। अतिवृष्टि की स्थिति में राहत शिविर बनाने और बचाव के सभी प्रबंध एडवांस में सुनिश्चित किए जाएं।
-
शून्य जन-धन हानि: आपदा की स्थिति में कलेक्टर्स का यह प्रयास होना चाहिए कि जन-धन की हानि को न्यूनतम (Zero Level) पर रखा जा सके।
सड़क सुरक्षा और अवैध उत्खनन पर कड़ा प्रहार
-
हेलमेट की अनिवार्यता: जिला सड़क सुरक्षा समिति की हर महीने बैठक आयोजित की जाए। सड़कों से ‘ब्लैक स्पॉट’ (Black Spots) को हटाने और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने पर जोर दिया गया, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मौतों को रोका जा सके।
-
दुर्घटना पीड़ितों को मदद: ‘ई-डॉर’ (e-DAR) पोर्टल पर सड़क हादसों की जानकारी तत्काल दर्ज की जाए, ताकि ‘राहवीर योजना’ और प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत पीड़ितों को समय पर मुफ्त इलाज मिल सके।
-
खनिज माफिया पर शिकंजा: कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई करें और लगाए गए जुर्माने की राशि की सख्ती से वसूली सुनिश्चित की जाए।
MP की GDP में खेती का योगदान $43\%$; 5 जून तक होगा गेहूं का भुगतान
मुख्य सचिव ने आर्थिक विकास के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण डेटा साझा करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में मध्य प्रदेश की जीडीपी (GDP) में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़कर $43\%$ हो गया है।
| विषय/योजना | वर्तमान स्थिति / मुख्य निर्देश |
| गेहूं उपार्जन (Procurement) | प्रदेश में 1 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीदी पूरी, सुरक्षित भंडारण के निर्देश। |
| भुगतान की अंतिम तिथि | किसानों को 5 जून, 2026 तक उपार्जित गेहूं की राशि का शत-प्रतिशत भुगतान हो। |
| खाद वितरण प्रणाली | सभी जिलों में ‘ई-विकास सिस्टम’ लागू, अब केवल ई-टोकन से ही खाद बंटेगी। |
| मछलीपालन (Cage Culture) | केज कल्चर योजना में 1.70 लाख से अधिक आवेदन मिले, भंडारण और विपणन की तैयारी। |
खाद्य प्रसंस्करण और स्वरोजगार: कृषि पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयों के निर्माण को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हों और किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिल सकें।मुख्य सचिव अनुराग जैन की कलेक्टर्स को दो टूक; तय समय में निपटाएं नामांतरण-बंटवारा, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
30 जून की डेडलाइन: जल गंगा संवर्धन और मनरेगा कार्य होंगे पूरे
मुख्य सचिव ने विकास कार्यों को लेकर 30 जून, 2026 की कड़ी समय-सीमा (Deadline) तय की है:
-
जल गंगा संवर्धन अभियान: जल संरक्षण के सभी कार्य 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूरे कर पोर्टल पर दर्ज किए जाएं।
-
मनरेगा (MGNREGA): मनरेगा के तहत स्वीकृत 31,975 निर्माण कार्यों को भी इसी तिथि तक पूरा करना होगा, जिसके बाद 1 जुलाई से ‘व्हीबीजीरामजी योजना’ लागू कर दी जाएगी।
-
नए औद्योगिक क्षेत्र: प्रदेश के 34 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित हैं। कलेक्टर्स को इसके लिए जल्द से जल्द आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने और ‘भारत औद्योगिक विकास योजना भव्य’ के क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा गया है।
बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाना ने भी कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस कप्तानों को सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखने के निर्देश दिए।

