
केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: बिना प्रमोशन के मिलेगा सीधा हाई पे-लेवल, DoPT ने जारी किया नया आदेश
नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग के लागू होने की सुगबुगाहट के बीच केंद्र सरकार ने अपने अधिकारियों के लिए एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला लिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने एक नया ऑफिस मेमोरेंडम (O.M.) जारी कर ‘नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन’ (NFU) के नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। इस नए आदेश के बाद कुछ खास बैच के अफसरों को बिना किसी पदोन्नति (Promotion) के ही सीधे ऊंचे पे-लेवल (Pay Level) का लाभ मिलने जा रहा है।
क्या है NFU नियम और कैसे काम करेगा?
सामान्यतः सरकारी नौकरियों में उच्च पे-लेवल (वेतनमान) तभी मिलता है जब अधिकारी का प्रमोशन होता है। लेकिन ‘ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विसेज’ (OGAS) के अधिकारियों के लिए सरकार ने NFU व्यवस्था बनाई है:
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उदाहरण से समझें: मान लीजिए किसी बैच के IAS अधिकारी को केंद्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी (Joint Secretary) के पद पर प्रमोट किया जाता है।
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समान वित्तीय लाभ: यदि उसी बैच के अन्य ‘ग्रुप ए’ सेवा के अधिकारियों का प्रमोशन किन्हीं कारणों से रुक जाता है, तो NFU नियम के तहत उन अधिकारियों को भी उसी ऊंचे पे-स्केल (Pay Level) का फायदा मिलने लगेगा।
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पद वही, सैलरी बड़ी: इस व्यवस्था में अधिकारी का पद, काम और प्रशासनिक अधिकार पुराने वाले ही रहते हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय लाभ और सैलरी बड़े पद की मिलने लगती है।
लाभ पाने के लिए DoPT की सख्त शर्तें
DoPT के आदेश के मुताबिक, बिना प्रमोशन हाई पे-लेवल का लाभ पाने के लिए अधिकारियों को कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी:
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रेजिडेंसी पीरियड: अधिकारी को अपने वर्तमान ग्रेड में एक निश्चित न्यूनतम सेवा अवधि (Residency Period) पूरी करना अनिवार्य है।
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बेंचमार्क रेटिंग (APAR/ACR): भले ही नियमित पदोन्नति न हो रही हो, लेकिन अधिकारी का सर्विस रिकॉर्ड और APAR/ACR रेटिंग प्रमोशन के मानकों के बिल्कुल अनुरूप (Satisfactory) होनी चाहिए।
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केवल वित्तीय फायदा: यह लाभ पूरी तरह से वित्तीय है। इससे अधिकारी के पद का नाम या प्रशासनिक अधिकार नहीं बदलेंगे, केवल उनकी सैलरी और भत्ते ऊंचे पे-लेवल के हिसाब से बढ़ेंगे।










