अहिल्या नगरी में चातुर्मास का उल्लास: इंदौर में 50 से अधिक स्थानों पर होंगे श्वेतांबर-दिगंबर समाज के चातुर्मास, 450 साधु-साध्वियों का आगमन
अहिल्या नगरी में चातुर्मास का उल्लास: इंदौर में 50 से अधिक स्थानों पर होंगे श्वेतांबर-दिगंबर समाज के चातुर्मास, 450 साधु-साध्वियों का आगमन
अहिल्या नगरी में चातुर्मास का उल्लास: इंदौर में 50 से अधिक स्थानों पर होंगे श्वेतांबर-दिगंबर समाज के चातुर्मास, 450 साधु-साध्वियों का आगमन
इंदौर: मिनी मुंबई और अहिल्या की नगरी के नाम से मशहूर इंदौर शहर में इन दिनों जैन समाज के बीच आत्म-उत्थान और साधना के महापर्व ‘चातुर्मास’ का जबरदस्त उल्लास देखने को मिल रहा है। इस वर्ष इंदौर के धार्मिक इतिहास में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां शहर के 50 से अधिक विभिन्न स्थानों पर श्वेतांबर और दिगंबर जैन समाज के चातुर्मास आयोजित किए जाएंगे। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से विभिन्न पंथों और मतों के 450 से अधिक साधु-साध्वियों के इंदौर आगमन का सिलसिला लगातार जारी है।
कई राज्यों से विहार कर इंदौर पहुंच रहे संतों के संघ
चातुर्मास को लेकर जैन संतों का पैदल विहार (पदयात्रा) चरम पर है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से विहार करते हुए संतों के संघ इंदौर की ओर बढ़ रहे हैं। इन संघों में अपनी विशेष तप-साधना के लिए विख्यात जैन समाज के बड़े आचार्य, उपाध्याय, मुनिराज, क्षुल्लक और साध्वियों के समूह शामिल हैं। संतों के इन छोटे-बड़े संघों में न्यूनतम 2 से लेकर अधिकतम 62 साधु-साध्वी तक शामिल हैं, जिनकी अगवानी के लिए इंदौर का जैन समाज पलक-पावड़े बिछाकर इंतजार कर रहा है। अहिल्या नगरी में चातुर्मास का उल्लास: इंदौर में 50 से अधिक स्थानों पर होंगे श्वेतांबर-दिगंबर समाज के चातुर्मास, 450 साधु-साध्वियों का आगमन
27 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, सजेंगे धार्मिक मंच
श्वेतांबर महासंघ के प्रचार सचिव योगेंद्र सांड ने चातुर्मास की तिथियों की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि:
“इस वर्ष चातुर्मास की शुरुआत 27 जुलाई से होने जा रही है, जो 23 नवंबर तक चलेगा। लगभग चार महीने तक चलने वाले इस आध्यात्मिक उत्सव के दौरान पूरा इंदौर शहर भक्ति के रंग में सराबोर रहेगा।”
पर्युषण और ज्ञान पंचमी पर बहेगी धर्म की गंगा
चार महीनों के इस चातुर्मास काल के दौरान जैन समाज के कई बड़े और महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे, जिससे पूरे शहर में उत्सवी माहौल रहेगा। इसमें जैन समाज का सबसे बड़ा आठ दिनी पर्युषण पर्व 8 सितंबर से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा। इसके साथ ही संवत्सरी और ज्ञान पंचमी जैसे महापर्वों पर विशेष पूजा-अर्चना, प्रवचन और तपस्या के अनुष्ठान होंगे।
चातुर्मास के दौरान पूज्य संतों और गुरुओं के दर्शन व उनके मुखारविंद से अमृतवाणी सुनने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में समाजजनों के भी इंदौर पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जैन समाज की विभिन्न कमेटियों द्वारा आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यापक तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।








