CBI टीम में एक भी SC/ST अफसर नहीं…हाथरस केस में भीम आर्मी प्रमुख ने PM मोदी से की यह अपील

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और मौत मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने हाथरस कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम में एक भी दलित और पिछड़े वर्ग के अधिकारी नहीं होने का आरोप लगाया है।
साथ ही इसकी पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया है। बुधवार को भीम आर्मी चीफ चंद्रेशेकर आजाद ने कहा कि न्याय में पार्दर्शिता बहुत जरूरी है और हाथरस केस की जांच करने वाली सीबीआई टीम में एक भी एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय का उच्चस्तरीय अफसर नहीं है।
हाथरस केस की जाँच करने वाली CBI टीम में एक भी SC, ST, OBC, माइनॉरिटी का उच्चस्तरीय अफ़सर नहीं है। जबकि केस SC-ST एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। CBI केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, मैं मोदी जी से अनुरोध करता हूँ कि जाँच टीम को एकपक्षीय न बनाये। न्याय में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 14, 2020
बुधवार को चंद्रेशेखर आजाद ने अपने ट्वीट में कहा, ‘हाथरस केस की जांच करने वाली सीबीआई टीम में एक भी एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी का उच्चस्तरीय अफसर नहीं है। जबकि केस SC-ST एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम करती है, मैं मोदी जी से अनुरोध करता हूं कि जांच टीम को एकपक्षीय न बनायें। न्याय में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।
इससे पहले बुधवार के दिन ही सीबीआई ने पीड़िता के पिता और दोनों भाइयों को पूछताछ के लिए बुलाया था। सीबीआई ने इन सभी से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। बता दें कि गुरुवार को भी सीबीआई ने इनसे पूछताछ की थी।








