दुबई में घर खरीदना हुआ और भी आसान: रेजिडेंसी वीजा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म; छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

दुबई में घर खरीदना हुआ और भी आसान: रेजिडेंसी वीजा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म; छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

दुबई। 30 अप्रैल 2026: दुबई में घर खरीदना हुआ और भी आसान: रेजिडेंसी वीजा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म; छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका। मध्य-पूर्व के सबसे बड़े कारोबारी केंद्र दुबई ने अपने रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान फूंकने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने 2 साल के प्रॉपर्टी-लिंक्ड रेजिडेंसी वीजा के लिए संपत्ति के न्यूनतम मूल्य की पुरानी शर्त को पूरी तरह हटा दिया है। यह फैसला विशेष रूप से मिड-इनकम ग्रुप और विदेशी निवेशकों के लिए दुबई के दरवाजे खोल देगा।

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दुबई में घर खरीदना हुआ और भी आसान: रेजिडेंसी वीजा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म; छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

क्या बदला है नियमों में?

दुबई के रियल एस्टेट बाजार में निवेश और निवास को लेकर नियमों में किए गए प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

विवरणपुराना नियमनया नियम
न्यूनतम संपत्ति मूल्य (Single Owner)AED 750,000 (~1.9 करोड़ ₹)कोई न्यूनतम सीमा नहीं
जॉइंट प्रॉपर्टी (Per Investor)AED 750,000AED 400,000 (~1.03 करोड़ ₹)
वीजा अवधि2 साल (नवीकरणीय)2 साल (नवीकरणीय)

जॉइंट इन्वेस्टमेंट पर सरकार की नज़र

हालांकि एकल निवेश के लिए सीमा हटा दी गई है, लेकिन सरकार ने जॉइंट ओनरशिप (साझा संपत्ति) के मामले में ‘वीजा पूलिंग’ जैसे दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अब यदि दो या दो से अधिक लोग मिलकर संपत्ति खरीदते हैं, तो प्रत्येक व्यक्ति की हिस्सेदारी कम से कम AED 400,000 होनी अनिवार्य है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

  1. बाजार में गिरावट: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण हाल के महीनों में दुबई की प्रॉपर्टी सेल में कमी आई है।

  2. मिड-सेगमेंट को बढ़ावा: डेवलपर्स अब उन संपत्तियों को भी आसानी से बेच सकेंगे जो पहले 7.5 लाख दिरहम से कम की होने के कारण वीजा के दायरे में नहीं आती थीं।

  3. रिकॉर्ड के बाद संतुलन: 2025 में दुबई ने AED 547 अरब की रिकॉर्ड बिक्री देखी थी, जिसमें भारतीय और ब्रिटिश निवेशकों का सबसे बड़ा हाथ था। सरकार इस बढ़त को 2026 में भी बरकरार रखना चाहती है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

दुबई हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। न्यूनतम निवेश की शर्त हटने से अब भारत के मध्यम वर्गीय निवेशक (जैसे कि आईटी प्रोफेशनल्स और छोटे बिजनेसमैन) भी दुबई में अपनी प्रॉपर्टी का सपना पूरा कर सकेंगे और साथ ही वहां रहने का कानूनी अधिकार (Residency Visa) भी हासिल कर पाएंगे। दुबई में घर खरीदना हुआ और भी आसान: रेजिडेंसी वीजा के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त खत्म; छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका