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Breaking: मेहुल चौकसे की एंटीगुआ नागरिकता खत्म!

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नेशनल डेस्क। भारत को बड़ी सफलता हाथ लगी है। pnb से धोखाधड़ी करने वाले मेहुल की नागरिकता एंटीगुआ सरकार ने रद्द कर दी है।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से करीब 14 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी के मामले में भारत को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत के दवाब में एंटीगुआ सरकार ने मेहुल चोकसी की नागरिकता को खारिज करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द करने की जानकारी दी है। इसके साथ ही भगोड़े हीरा कारोबारी को भारत लाने की कार्रवाई में तेजी आ गई है और उसे जल्द ही भारत में लाया जाएगा।

बताते चलें कि मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया मार्च मे शुरू हुई थी। पीएम गैस्टन ब्राउन ने कहा कि मेहुल को जल्द ही भारत वापस भेज दिया जाएगा। हम किसी भी अपराधी को अपने देश में सुरक्षित ठिकाना नहीं देंगे। बताते चलें कि बीते कई महीनों से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी मेहुल को वापस भारत लाने के लिए कोशिश कर रहे थे। खुद को घिरा देखकर उसने उसने पिछले दिनों कोर्ट में एक हलफानामा दाखिल कर कहा था कि मैं भारत से भागा नहीं हूं। इलाज कराने के लिए विदेश आया हूं और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से यात्रा करने में असमर्थ हूं। लिहाजा, जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं आ सकता हूं।

प्रवर्तन निदेशालय ने चोकसी के हलफनामे के खिलाफ मुंबई की एक अदालत में हलफनामा दायर कर कहा था कि वह अपनी सेहत को लेकर किए जा रहे दावे के जरिये कोर्ट को गुमराह कर रहा है। यह कानूनी प्रक्रिया को विलंब करने की कोशिश है। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए चोकसी से कहा था कि वह स्वास्थ्य संबंधी जांच के कागजात मुंबई के सरकारी जेजे हॉस्पिटल भेजे। अदालत ने कहा है कि अस्पताल के मुख्य कॉर्डियोलॉजिस्ट रिपोर्ट की स्टडी और एनालिसिस करने के बाद अदालत को बताएंगे कि वह भारत की यात्रा करने के लिए स्वस्थ है या नहीं।

बताते चलें कि मेहुल चौकसी ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी के साथ मिलकर पीएनबी बैंक में हजारों करोड़ का घोटाला किया था। इस मामले में नीरव मोदी लंदन की जेल में बंद है और उसके भी प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही हैं।

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