नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ देश में राजनीतिक पार्टियां भी अपना योगदान कर रही हैं. इसी कड़ी में सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) ने देश के नागरिकों तक अपने कार्यकर्ताओं के जरिए मास्क पहुंचाने का प्लान बनाया है. इसे पार्टी ने नाम दिया है मास्क मूवमेंट और इस बाबत देशभर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं
ऐसे तैयार हो रहे मास्क
दिल्ली की रहनेवाली कुलदीप दिन भर में चालीस से लेकर पचास मास्क बना लेती है. इसके बाद इसे स्थानीय एनजीओ या फिर बीजेपी पार्टी इकाई के लोग मास्क इकट्ठा करते हैं और जनता के बीच बांटते हैं. कपड़ा ऐसे लोगों को पार्टी कार्यकर्ताओं, एनजीओ द्वारा पहुंचाया जाता है. या फिर कार्यकर्ता घर में मौजूद पुराने कपड़े से भी ये मास्क बना रहे हैं. बाजार में मौजूद बेसिक सर्जिकल मास्क की तर्ज पर डबल लेयर में इस घरेलू मास्क को सिलने और सिलवाने के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है.
हर जिले में 1 लाख मास्क तक बांटने का लक्ष्य
अनिल जैन बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव जिन्होंने इस प्लान को बनाने में अहम भूमिका निभाई है उनका कहना है कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और यूपी के बीस जिले जिनका प्रभार उनके पास है वहां वो संबधित मंत्रियों और पदाधिकारियों बराबर इस प्लान का फीडबैक ले रहे हैं कि रोजाना कितना मास्क बन रहा है और कितना बटवाया जा रहा है. उनके मुताबिक पार्टी का लक्ष्य है कि पहले चरण में इसी तरीके से करीब एक लाख घर में बने घरेलू मास्क का जनता हर जिले में के बीच वितरण हो.
घर पर मौजूद कपड़ों के बन रहे मास्क
राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने यह अभियान छेड़ा है कि घर में जो पुराने कपड़े मौजूद है उनकी मदद से मास्क बनाया जाए. इस प्लान से जुड़े लोगों का मानना है कि सर्जिकल मास्कों को लोग फेंक देते हैं जिससे वेस्ट हजार्ड भी बनता है, इनके डिस्पोजल में दिक्कत आती है, कपड़े के मास्कों को धुला भी जा सकता है, हाइजेनिक भी यही है. पार्टी प्रभारियों को ये जिम्मेदारी दी गई है कि हर घर में इसी तरीके से हम मास्क बनवाया जाए ताकि मास्क को मास मूवमेंट बनाया जाए.
सारे प्रदेश अध्यक्ष जिला अध्यक्ष को ये भी निर्देश दिया है कि किस तरीके से डबल लेयर मास्क को बनवाया जाए और बांटा जाए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी तरीके से हो.

