दतिया उपचुनाव में बड़ा सियासी भूचाल:9वें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 9000 वोटों से आगे, बीजेपी के हाथ से निकला गढ़
दतिया में ढहा बीजेपी का किला: 9वें राउंड के बाद 9000+ वोटों से आगे निकले कांग्रेस के घनश्याम सिंह
दतिया उपचुनाव में बड़ा सियासी भूचाल:9वें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 9000 वोटों से आगे, बीजेपी के हाथ से निकला गढ़
मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में अब तक का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। मतगणना के नौवें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस के घनश्याम सिंह 9519 वोट से आगे हैं। अभी तक 180 पोलिंग की काउंटिंग हो गयी है और कांग्रेस जीत की तरफ बढ़ रही है। शुरुआती डाक मतपत्रों और पहले राउंड की गिनती में आगे रही बीजेपी अब हर बीतते राउंड के साथ पिछड़ती नज़र आ रही है। 15 राउंड में होने वाली इस मतगणना में आधे से अधिक दौर पूरा हो चुका है और कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल बनने लगा है।
3 बड़े प्वाइंट्स में समझें मतगणना का पूरा गणित
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आरंभिक बढ़त के बाद पिछड़ी बीजेपी: पहले राउंड में बीजेपी के आशुतोष तिवारी 909 वोटों से आगे थे, लेकिन चौथे राउंड के बाद से घनश्याम सिंह ने जो रफ्तार पकड़ी, वह 9वें राउंड तक लगातार बढ़ती गई।
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त्रिकोणीय मुकाबले का असर: बहुजन समाज पार्टी और आजाद समाज पार्टी (आसपा) के उम्मीदवार दामोदर यादव लगभग 9,700 से अधिक वोट हासिल कर तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।
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15 राउंड का कुल मुकाबला: पॉलिटेक्निक कॉलेज में 21 टेबलों पर जारी इस गिनती में कुल 15 राउंड होने हैं। अंतिम परिणाम दोपहर 3 बजे तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बीजेपी के लिए क्यों चिंताजनक हैं ये नतीजे?
यह उपचुनाव राज्य सरकार के बहुमत को प्रभावित नहीं करेगा (क्योंकि बीजेपी के पास 164 सीटें हैं), लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से इसके मायने बहुत गहरे हैं:
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नरोत्तम का गढ़ और नया चेहरा: 2023 में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार के बाद पार्टी ने उनका टिकट काटकर युवा आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया था। दतिया में हार मिलने से स्थानीय गुटबाजी और टिकट बदलाव पर सवाल उठेंगे।
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सीएम मोहन यादव का नेतृत्व परीक्षण: 2028 के अगले बड़े विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रशासनिक व चुनावी नेतृत्व का यह पहला मुख्य परीक्षण माना जा रहा है।
जीत की राह पर कांग्रेस, लेकिन अंदरूनी कलह भी उजागर
एक तरफ घनश्याम सिंह जीत की ओर अग्रसर हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के भीतर का संकट सतह पर आ चुका है:
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2023 में जीते पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की आपराधिक मामले में सजा के कारण सदस्यता रद्द हुई थी, जिसके बाद यह सीट खाली हुई।
चुनाव से ठीक पहले पार्टी से निकाले गए राजेंद्र भारती ने खुलकर आरोप लगाया है कि “घनश्याम सिंह ने बीजेपी नेताओं से साठगांठ करके चुनाव लड़ा है।” उन्होंने 2028 के चुनाव में अपनी अलग ताकत दिखाने का भी ऐलान कर दिया है। दतिया उपचुनाव में बड़ा सियासी भूचाल:9वें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 9000 वोटों से आगे, बीजेपी के हाथ से निकला गढ़






