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जबलपुर में साइबर ठगों का बड़ा जाल: सस्ते ड्राई फ्रूट्स और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ₹2.67 लाख की बड़ी धोखाधड़ी

जबलपुर में साइबर ठगों का बड़ा जाल: सस्ते ड्राई फ्रूट्स और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ₹2.67 लाख की बड़ी धोखाधड़ी

जबलपुर में साइबर ठगों का बड़ा जाल: सस्ते ड्राई फ्रूट्स और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ₹2.67 लाख की बड़ी धोखाधड़ी

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर अंतर्गत अधारताल थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देते हुए दो नागरिकों को अपना शिकार बनाया है। ठगों ने एक रिटायर्ड कर्मचारी को सस्ते ड्राई फ्रूट्स का लालच देकर और एक अन्य युवक को पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर कुल 2,67,252 रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने दोनों ही मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

 ‘श्रीराम ड्राई फ्रूट्स’ के विज्ञापन ने फंसाया, रिटायर्ड कर्मचारी से ₹97 हजार पार

पहले मामले में ठगों ने एक बुजुर्ग के जीवन भर की कमाई पर हाथ साफ कर दिया:

  • सस्ते का लालच: महाराजपुर के पटेल नगर निवासी निरंजन प्रसाद विश्वकर्मा (67), जो व्हीकल फैक्ट्री से सेवानिवृत्त (Retired) हैं, ने 5 जुलाई को सोशल मीडिया पर ‘श्रीराम ड्राई फ्रूट्स’ नाम से बेहद कम कीमत में काजू-बादाम बेचने का एक विज्ञापन देखा।

  • जीएसटी के नाम पर झांसा: विज्ञापन देखकर उन्होंने मोबाइल के जरिए ऑर्डर बुक किया और यूपीआई (UPI) से 1,150 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद शातिरों ने उन्हें फोन कर कहा कि जीएसटी (GST) की दिक्कत आ गई है, इसलिए यह पैसा वापस किया जा रहा है।

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  • रिफंड के चक्कर में साफ हुआ खाता: कॉलर के बताए अनुसार जैसे ही बुजुर्ग ने अपने मोबाइल पर रिफंड की प्रक्रिया पूरी की, उनके बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के खाते से पैसे वापस आने के बजाय 97,454 रुपये उड़ा लिए गए। जबलपुर में साइबर ठगों का बड़ा जाल: सस्ते ड्राई फ्रूट्स और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ₹2.67 लाख की बड़ी धोखाधड़ी

: पार्ट-टाइम जॉब और टास्क पूरा करने के नाम पर ₹1.69 लाख की ठगी

दूसरा मामला महाकौशल नगर के रहने वाले विकास कुमार सिंह (34) के साथ हुआ, जिन्हें घर बैठे मोटी कमाई का झांसा दिया गया:

  • टेलीग्राम/सोशल मीडिया पर मिला लिंक: 8 जुलाई को विकास के मोबाइल पर इंटरनेट के जरिए एक मैसेज आया, जिसमें पार्ट-टाइम जॉब (Part-time Job) करके अच्छी कमाई करने का लालच दिया गया था।

  • टास्क के जाल में उलझाया: जालसाजों ने विकास को एक सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़ लिया और शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे करने पर कुछ पैसे देने का लालच दिया।

  • किस्त दर किस्त ऐंठे रुपये: जब विकास उनके झांसे में आ गए, तो आरोपियों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर यूपीआई और अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कई किश्तों में कुल 1,69,798 रुपये जमा करा लिए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

साइबर सेल और पुलिस की अपील: रहें सावधान

अधारताल थाना पुलिस ने दोनों ही मामलों में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

  1. सोशल मीडिया पर मिलने वाले अत्यधिक सस्ते सामानों या लॉटरी के विज्ञापनों पर भरोसा न करें।

  2. किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही रिफंड के लिए अपनी यूपीआई पिन (UPI Pin) दर्ज करें।

  3. घर बैठे ‘टास्क’ पूरा करके पैसे कमाने वाले ग्रुप्स पूरी तरह फर्जी हैं, इनमें निवेश करने से बचें।

— अपराध एवं साइबर क्राइम डेस्क, विशेषांक

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