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सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला: 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा, कोर्ट ने बताया ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’

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सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला: 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा, कोर्ट ने बताया ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर। पिता-पुत्र पी जयराज और बेनिक्स की हिरासत में मौत पर सख्त रुख, इंस्पेक्टर श्रीधर समेत सभी दोषी करार।

सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला: 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा, कोर्ट ने बताया ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’

सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में मदुरै की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखते हुए कहा कि यह फैसला समाज की अंतरात्मा को दर्शाता है और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए नजीर बनेगा।

अदालत ने इंस्पेक्टर श्रीधर को मुख्य आरोपी मानते हुए मौत की सजा के साथ 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने कहा कि सभी दोषियों को “दोहरी मौत की सजा” इसलिए दी जा रही है क्योंकि उन्होंने पिता-पुत्र दोनों की हत्या की।

यह मामला जून 2020 का है, जब थूथुकुडी जिले में लॉकअप के दौरान पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स के साथ कथित रूप से पूरी रात बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि निहत्थे पिता-पुत्र को पुलिस हिरासत में टॉर्चर करना बेहद गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ उम्रकैद इस अपराध के लिए पर्याप्त नहीं है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि दोषी पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पदों पर थे, इसलिए उनके द्वारा किया गया अपराध और भी गंभीर हो जाता है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा ही पुलिस विभाग में डर पैदा कर सकती है।

CBI जांच और मुआवजा:
इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी, जिसने 2,427 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। जांच के आधार पर सभी 9 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया।

अदालत ने पीड़ित परिवार को 1.40 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

क्यों अहम है फैसला:
यह फैसला कस्टोडियल डेथ के मामलों में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जो पुलिस की जवाबदेही और कानून के राज को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

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