झिंझरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कार से 50 किलो गांजा बरामद
12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त, चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरा
कटनी। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत झिंझरी पुलिस चौकी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार से 50 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त कार सहित कुल 12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर को चौकी झिंझरी पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में उमरिया की ओर से अवैध रूप से गांजा लेकर जबलपुर की तरफ परिवहन किया जा रहा है। सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, उप पुलिस अधीक्षक अनिमेष द्विवेदी एवं माधवनगर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव के मार्गदर्शन में पुलिस की दो टीमें सक्रिय की गईं।
पुलिस टीमों ने मुखबिर के बताए मार्ग पर वाहन का पीछा किया। पुलिस से बचने के लिए कार चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाते हुए जीएसटी कार्यालय के पास से बड़ागांव रोड की ओर मुड़ गया। इसके बाद फॉरेस्ट स्मृति वन के सामने वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने चालक की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर गांजे के 50 पैकेट मिले। प्रत्येक पैकेट का वजन एक किलोग्राम पाया गया। इस तरह कुल 50 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने जब्त गांजे की कीमत लगभग 5 लाख रुपये तथा कार की कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी है। इस प्रकार कुल 12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार दुबे के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक सतीश भगत, सहायक उपनिरीक्षक शशिभूषण सिंह, प्रधान आरक्षक राजेश चौधरी, प्रधान आरक्षक पंकज त्रिपाठी तथा आरक्षक संजय यादव, सौरभ कुमार एवं चन्द्रकमल पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

