शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों का कटेगा वेतन, लापरवाही पर संकुल प्राचार्य होंगे सस्पेंड
शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों का कटेगा वेतन, लापरवाही पर संकुल प्राचार्य होंगे सस्पेंड
शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों का कटेगा वेतन, लापरवाही पर संकुल प्राचार्य होंगे सस्पेंड
भोपाल: मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में डिजिटल अनुशासन को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ई-अटेंडेंस (E-Attendance) व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब आर-पार की कार्रवाई की तैयारी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने साफ कर दिया है कि जिन शिक्षकों ने मोबाइल ऐप के जरिए अपनी हाजिरी दर्ज नहीं की है, उनके वेतन में कटौती की जाएगी। वहीं, लापरवाही को नजरअंदाज करने वाले संकुल प्राचार्यों को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों का कटेगा वेतन, लापरवाही पर संकुल प्राचार्य होंगे सस्पेंड
संकुल प्राचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को जारी कड़े आदेश में कहा गया है कि ई-अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने के स्पष्ट निर्देश थे। इसके बावजूद जिन संकुल प्राचार्यों ने लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के वेतन देयक (Salary Bills) आगे बढ़ाए हैं (Approve किए हैं), उन्हें चिन्हित किया जाए। विभाग ने ऐसे संकुल प्राचार्यों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन (Suspension) अथवा अन्य कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
नहीं चलेगी ढिलाई, कटेगा वेतन
संचालनालय ने अपने आदेश में याद दिलाया है कि पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के तहत सभी शासकीय शिक्षकों के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया जा चुका है।
विभाग का सख्त नियम: जो शिक्षक तय नियमों के तहत ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं, उन्हें उस अवधि का अनधिकृत रूप से अनुपस्थित माना जाएगा और सीधे तौर पर उनकी वेतन कटौती की जाएगी।
डिजिटल हाजिरी को शत-प्रतिशत लागू करने की कवायद
दरअसल, विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद कई जिलों में शिक्षक और संकुल प्राचार्य ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर ढिलाई बरत रहे थे। अब इस नए और सख्त आदेश के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि स्कूलों में समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जा सके।








