Bengal New Order: बंगाल के स्कूलों में अब गूंजेगा ‘वंदे मातरम’, शुभेंदु सरकार का बड़ा आदेश; कल सुबह से असेंबली में गाना हुआ अनिवार्य,पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने राज्य के स्कूलों के लिए एक नया फरमान जारी किया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना (असेंबली) के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। यह आदेश कल (शुक्रवार) सुबह से ही प्रभावी रूप से लागू होगा।
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Bengal New Order: बंगाल के स्कूलों में अब गूंजेगा ‘वंदे मातरम’, शुभेंदु सरकार का बड़ा आदेश; कल सुबह से असेंबली में गाना हुआ अनिवार्य
क्लास शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत अनिवार्य
शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की सभा में सभी छात्रों को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाना होगा। संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
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वीडियो रिकॉर्डिंग भी जरूरी: शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, स्कूलों को इस आदेश के कार्यान्वयन के प्रमाण के तौर पर रिकॉर्ड और वीडियो रिकॉर्डिंग भी रखनी होगी।
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सजा का प्रावधान: यह कदम केंद्र सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में प्रस्तावित संशोधन के बाद उठाया गया है, जिसमें ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
अब स्कूलों में गाए जाएंगे 3 गीत!
इस नए आदेश के बाद बंगाल के स्कूलों में गीतों की सूची लंबी हो गई है, जिससे स्कूल प्रबंधन असमंजस में हैं:
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जन गण मन (राष्ट्रगान): रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित, जो पहले से अनिवार्य है।
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बांग्लार माटी बांग्लार जल (राज्य गीत): पिछली टीएमसी सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया टैगोर का गीत।
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वंदे मातरम (राष्ट्रगीत): बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना, जिसे अब शुभेंदु सरकार ने अनिवार्य किया है।
स्कूल प्रमुखों की चिंता: ‘क्लास में होगी देरी’
नए नोटिस में पिछली सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए ‘राज्य गीत’ (बांग्लार माटी) को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है। ऐसे में स्कूल प्रमुखों का कहना है कि हर सुबह तीन-तीन गीत गाना छात्रों के लिए आसान नहीं होगा। एक स्कूल प्रिंसिपल ने बताया, “हम राष्ट्रगान नहीं छोड़ सकते और अब वंदे मातरम पहला गीत होगा। अगर राज्य गीत को भी शामिल किया गया, तो प्रार्थना सत्र बहुत लंबा हो जाएगा और क्लास शुरू करने में देरी होगी।”
वंदे मातरम के 150 साल का सम्मान
सरकार का तर्क है कि यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस नोटिस के क्रम में लिया गया है, जिसमें राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के सम्मान में इसे व्यापक रूप से प्रसारित करने की बात कही गई थी। पश्चिम बंगाल, जो इस कालजयी गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली है, वहां इसे लागू करना नई सरकार अपनी प्राथमिकता बता रही है।

