
बजाज ऑटो की ‘सुपर’ रफ्तार: जून 2026 में कुल बिक्री 28% बढ़ी, एक्सपोर्ट में आया 47% का जबरदस्त उछाल
मुंबई/पुणे: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने जून 2026 में बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। घरेलू बाजार में मजबूत पकड़ और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई बंपर मांग के दम पर कंपनी ने सालाना आधार पर 28% की कुल बढ़त दर्ज की है। जून महीने में बजाज ऑटो की कुल बिक्री 4,63,202 यूनिट पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने (जून 2025) में 3,60,806 यूनिट थी।
घरेलू बाजार में 11% की मजबूत ग्रोथ
भारतीय बाजार में बजाज के दोपहिया और कमर्शियल वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक:
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जून 2026 में घरेलू बिक्री: 2,09,837 वाहन।
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सालाना बढ़त: पिछले साल के मुकाबले 11% का इजाफा।
एक्सपोर्ट मार्केट में बजा बजाज का डंका: 47% का उछाल
बजाज ऑटो के लिए सबसे बड़ी कामयाबी विदेशी बाजारों से आई है। कंपनी के मजबूत ग्लोबल नेटवर्क के चलते एक्सपोर्ट में ऐतिहासिक तेजी देखी गई है:
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जून 2026 में कुल एक्सपोर्ट: 2,53,365 वाहन।
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सालाना बढ़त: पिछले साल के मुकाबले 47% की भारी छलांग।
टू-व्हीलर सेगमेंट का प्रदर्शन (शानदार 30% की ग्रोथ)
सिर्फ दोपहिया (Motorcycle & Scooter) सेगमेंट की बात करें, तो कंपनी ने जून में कुल 3,89,395 यूनिट्स की बिक्री की। बजाज ऑटो की ‘सुपर’ रफ्तार: जून 2026 में कुल बिक्री 28% बढ़ी, एक्सपोर्ट में आया 47% का जबरदस्त उछाल
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घरेलू टू-व्हीलर बिक्री: 1,66,956 यूनिट (12% की बढ़ोतरी)।
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टू-व्हीलर एक्सपोर्ट: 2,22,439 यूनिट (49% की धमाकेदार बढ़ोतरी)।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी दम
थ्री-व्हीलर और कमर्शियल सेगमेंट में भी बजाज का दबदबा कायम है। जून 2026 में कंपनी ने 73,807 कमर्शियल वाहन बेचे, जो पिछले साल के मुकाबले 18% अधिक हैं।
पहली तिमाही (Q1 FY 2026-27) के मुख्य आंकड़े
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) बजाज ऑटो के लिए बेहद मुनाफेदार साबित हुई है। इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
| कैटेगरी | अप्रैल-जून 2026 (यूनिट्स) | सालाना ग्रोथ (%) |
| घरेलू बिक्री | 7,06,078 | 11% 📈 |
| कुल निर्यात (Export) | 7,32,173 | 54% की छलांग 🚀 |
| कुल बिक्री (Q1 Total) | 14,38,251 | 29% 📈 |
बिजनेस डेस्क एनालिसिस: जून और पहली तिमाही के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि बजाज ऑटो न केवल भारत में अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है, बल्कि वैश्विक मंदी के दौर के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से अपने पंख फैला रही है।








