नीमच में मक्का और उड़द की फसलों पर इल्लियों व रसचूसक कीड़ों का हमला; कृषि वैज्ञानिकों ने दी बचाव के उपाय अपनाने की सलाह

नीमच में मक्का और उड़द की फसलों पर इल्लियों व रसचूसक कीड़ों का हमला; कृषि वैज्ञानिकों ने दी बचाव के उपाय अपनाने की सलाह
नीमच: कृषि प्रधान नीमच जिले में इस बार खरीफ सीजन की शुरुआत से ही मानसून की बेरुखी और देरी के बाद अब फसलों पर कीट-व्याधि का खतरा मंडराने लगा है। जिले के कई क्षेत्रों में मक्का की फसल में इल्लियों का प्रकोप देखने को मिल रहा है, वहीं उड़द और अन्य फसलों में रसचूसक कीड़ों का असर दिखाई दे रहा है। कहीं-कहीं ‘येलो मोजेक’ (Yellow Mosaic Virus) बीमारी की भी सूचनाएं मिली हैं, जिससे क्षेत्र के किसान अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
फसलों पर मंडराया संकट: मक्का, उड़द और सोयाबीन प्रभावित
-
इल्लियों और कीड़ों का हमला: मक्का में इल्लियों का प्रकोप बढ़ने से पत्तियां और तने प्रभावित हो रहे हैं, जबकि उड़द में रसचूसक कीड़ों के कारण पौधे कमजोर पड़ रहे हैं।
-
येलो मोजेक की आहट: कुछ क्षेत्रों में उड़द और सोयाबीन की फसलों में पत्तियों का पीला पड़ना (येलो मोजेक) देखा गया है, जो तेजी से फैल सकता है।
-
किसान चिंतित: मानसून की देरी से पहले ही परेशान किसानों की चिंता कीट-व्याधि के प्रकोप ने और बढ़ा दी है।
कृषि विभाग व वैज्ञानिकों का पक्ष: “घबराएं नहीं, समय पर करें उपचार”
कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार:
-
स्थिति नियंत्रण में: जिले में अब तक बड़े पैमाने पर या भयानक रूप से इल्लियों और रसचूसक कीड़ों के फैलने की सूचना नहीं है। यह असर कुछ ही स्थानों पर सीमित है।
-
किसानों को सलाह: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे डरने या घबराने की बजाय तुरंत खेतों का निरीक्षण करें और अनुशंसित (Recommended) कीटनाशकों का छिड़काव कर बचाव के उपाय अपनाएं।
नीमच जिले का कृषि परिदृश्य
-
कृषि पर निर्भरता: नीमच जिले की कुल आबादी लगभग 8.5 लाख है, जिसमें से 70% से अधिक आबादी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी पर आश्रित है।
-
बोवनी का रकबा: इस खरीफ सीजन में जिले में लगभग 1 लाख 75 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बोवनी हुई है।
-
मुख्य फसल: जिले में सर्वाधिक बोवनी का रकबा सोयाबीन का है, जिसके बाद मक्का, उड़द और अन्य दलहनी फसलों का नंबर आता है। नीमच में मक्का और उड़द की फसलों पर इल्लियों व रसचूसक कीड़ों का हमला; कृषि वैज्ञानिकों ने दी बचाव के उपाय अपनाने की सलाह








