दतिया की तारीखें आते ही भड़की कांग्रेस, चुनाव आयोग को घेरा-बोले, ‘इतनी जल्दी क्या थी?
दतिया की तारीखें आते ही भड़की कांग्रेस, चुनाव आयोग को घेरा-बोले, 'इतनी जल्दी क्या थी?

दतिया की तारीखें आते ही भड़की कांग्रेस, चुनाव आयोग को घेरा-बोले, ‘इतनी जल्दी क्या थी?
भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चुनावी शह-मात का खेल शुरू हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा एलान करते हुए एमपी की हाई-प्रोफाइल दतिया (Datia) विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दतिया में 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे, जबकि 3 अगस्त को यह साफ हो जाएगा कि इस सीट पर किसका राज होगा।
तारीखों के एलान के साथ ही सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिंघार का तंज: ‘निर्मला सप्रे पर चुप्पी और दतिया में इतनी जल्दबाजी क्यों?’
चुनाव आयोग के फैसले पर भड़कते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया और मीडिया के सामने आकर तीखे आरोप लगाए:
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आयोग पर पक्षपात का आरोप: सिंघार ने कहा कि चुनाव आयोग दतिया में चुनाव कराने के लिए कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी में दिख रहा है।
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निर्मला सप्रे मामले का दिया हवाला: उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा के पाले में जा चुकीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता के मामले पर आयोग और विधानसभा अध्यक्ष ने अब तक कोई फैसला क्यों नहीं लिया? वहां चुप्पी क्यों है?
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कार्यकर्ताओं को ललकारा: सिंघार ने कहा, “साल 2023 के चुनाव में हमारे नेता राजेंद्र भारती ने बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को धूल चटाई थी। उस समय भी आयोग ने मामलों को लटका कर रखा था। लेकिन कांग्रेस इस उपचुनाव को पूरी ताकत से लड़ेगी और दतिया सीट दोबारा जीतकर दिखाएगी।”
आखिर क्यों खाली हुई डॉ. नरोत्तम मिश्रा के गढ़ ‘दतिया’ की सीट?
दतिया विधानसभा सीट का खाली होना और यहाँ उपचुनाव की नौबत आना कांग्रेस के लिए एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक झटका था:
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विधायक की सदस्यता रद्द: साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीते राजेंद्र भारती की सदस्यता पिछले दिनों विधानसभा सचिवालय द्वारा समाप्त कर दी गई थी।दतिया की तारीखें आते ही भड़की कांग्रेस, चुनाव आयोग को घेरा-बोले, ‘इतनी जल्दी क्या थी?
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3 साल की सजा: एक आर्थिक अनियमितता (बैंक धोखाधड़ी) के पुराने मामले में अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी पाते हुए 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी। नियम के मुताबिक, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत विधायक की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। हालांकि, भारती ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी है, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली।
दतिया उपचुनाव का पूरा ‘टाइम-टेबल’
दतिया में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो चुकी है। चुनाव का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:
- नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख: 13 जुलाई
- नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 14 जुलाई
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 16 जुलाई
- मतदान (Voting): 30 जुलाई
- मतगणना और नतीजे (Results): 3 अगस्त
बड़ा मुकाबला: अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा यहाँ से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को दोबारा मैदान में उतारेगी या किसी नए चेहरे पर दांव खेलेगा। वहीं, कांग्रेस के लिए अपनी जीती हुई सीट को बचाए रखना प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है।








