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कैमोर के ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव पर लग सकता है ग्रहण, अडानी मैनेजमेंट ने तैयारियों को लेकर अब तक नहीं दिखाई रुचि, इंटक ने लिखा पत्र

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कैमोर, (राजा दुबे)। उद्योग नगरी कैमोर में मनाया जाने वाला ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव जिले और सम्भाग में ही नहीं वरन प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। लगभग आठ दशक पहले शुरू हुए इस आयोजन में साल दर साल बदलाव होते रहे पर आयोजन का सिलसिला अनवरत जारी रहा।

कोरोना काल में ही इस पर रोक लगी थी

केवल कोरोना काल में ही इस पर रोक लगी थी पर कोरोना संकट के खत्म होते ही दशहरा महोत्सव फिर अपने रंग में आ गया था। अभी पिछले साल ही दशहरा महोत्सव अपनी पुरानी परंपरा के अनुरूप आयोजित हुआ था। इस बार अडानी मैनेजमेंट इस आयोजन में कोई रुचि नहीं दिखा रही। अब तक दशहरा कमेटी की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। स्थिति यह है कि बैठक बुलाये जाने इंटक यूनियन को पत्र लिखना पड़ रहा।

भीड़ को लेकर चिंतित

अडानी मैनेजमेंट दशहरा महोत्सव पर यहां जुटने वाली हजारों की भीड़ को लेकर चिंतित है। हाल ही में उत्तरप्रदेश के हाथरस में एक धार्मिक आयोजन के दौरान मची भगदड़ में डेढ़ सैकड़ा से भी अधिक लोगों के मारे जाने की घटना के बाद से इस तरह के बड़े आयोजन को लेकर चिंता स्वाभाविक है।

सूत्रों की माने तो अडानी मैनेजमेंट इसी हादसे का हवाला देकर आयोजन को टालना चाह रही या इसके स्वरूप में परिवर्तन करके इसे सीमित करना चाह रही। यही कारण है कि अब तक इस आयोजन को लेकर दशहरा महोत्सव कमेटी की बैठक नहीं बुलाई जा रही।

इंटक यूनियन ने कराया ध्यानाकर्षण

इस संबंध में इंटक यूनियन की ओर से 5 अगस्त को एक पत्र कम्पनी के चीफ़ मैन्युफैक्चरिंग ऑफिसर एवं हेड एच आर को लिखा गया है जिसमें नगर वासियों की मंशा के अनुरूप पूर्व की तरह ही इस वर्ष भी दशहरा महोत्सव पूरी भव्यता के साथ मनाने का अनुरोध किया गया है। समारोह की तैयारियों को लेकर शीघ्र ही बैठक बुलाये जाने की मांग भी मैनेजमेंट से की गई है।

तैयारियां जुलाई – अगस्त में ही शुरू हो जाती थीं

उल्लेखनीय है कि कैमोर के दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां जुलाई – अगस्त में ही शुरू हो जाती थीं। जन्माष्टमी के बाद रावण के पुतले का निर्माण शुरू हो जाता था। रामलीला मंचन के लिए मंडल की बुकिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाकारों का चयन भी आयोजन से लगभग 3 – 4 माह पहले ही शुरू हो जाता था पर अब तक दशहरा कमेटी का पुनर्गठन नहीं होने और अब तक एक भी बैठक नहीं बुलाये जाने के कारण आयोजन को लेकर असमंजस का माहौल बन रहा। इसी के चलते इंटक द्वारा मैनेजमेंट को पत्र लिखकर बैठक बुलाये जाने का अनुरोध किया गया है।

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