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ईरान के बढ़ते हमलों के बीच अरब देशों ने अमेरिकी एयर डिफेंस पर निर्भरता कम की, अपनाया साउथ कोरिया का Cheongung सिस्टम

ईरान के बढ़ते हमलों के बीच अरब देशों ने अमेरिकी एयर डिफेंस पर निर्भरता कम की, अपनाया साउथ कोरिया का Cheongung सिस्टम

ईरान के बढ़ते हमलों के बीच अरब देशों ने अमेरिकी एयर डिफेंस पर निर्भरता कम की, अपनाया साउथ कोरिया का Cheongung सिस्टम, ईरान के बढ़ते हमलों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए अरब देश अब अमेरिकी एयर डिफेंस पर निर्भरता कम कर रहे हैं. वे दक्षिण कोरिया के Cheongung मिसाइल डिफेंस सिस्टम को अपना रहे हैं, जिसने ईरानी मिसाइलों के खिलाफ 96 फीसद सफलता दर दिखाई है.

ईरान के बढ़ते हमलों के बीच अरब देशों ने अमेरिकी एयर डिफेंस पर निर्भरता कम की, अपनाया साउथ कोरिया का Cheongung सिस्टम

ईरान के मिसाइलों और ड्रोन अरब देशों को लगातार निशाना बना रहे हैं और कहा जाने लगा है कि अमेरिका अरब देशों को सुरक्षा देने में नाकाम दिख रहा है. वहीं ईरानी हमलों के बढ़ने के बाद से अमेरिका अपना ज्यादा एयर डिफेंस इजराइल को बचाने में लगा रहा है. अब अरब देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी निर्भरता को कम करने में लग गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक अरब देश साउथ कोरिया से उसका एयर डिफेंस खरीद रहे हैं.

सियोल की अपनी बनाई हुई मुड रेंज जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘चेओनगुंग’ (जिसे M-SAM Block II भी कहा जाता है), ने UAE पर दागी गई ईरानी मिसाइलों के खिलाफ 96 फीसद की इंटरसेप्शन दर हासिल की है. जिसकी वजह से इसकी मांग और बढ़ गई है. NATO-मानकों वाली यह मिसाइल इंटरसेप्टर, जो अमेरिका में बने Patriot PAC-3 सिस्टम की क्षमताओं को टक्कर देती है और जिसकी कीमत उस सिस्टम की कीमत का सिर्फ एक-चौथाई है, ने अरब देशों को इस रक्षा उपकरण को हासिल करने के लिए होड़ में लगा दिया है. साउथ कोरिया का ये एयर डिफेंस सिस्टम उत्तर कोरिया की मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है.

साउथ कोरिया की मिसाइल खरीदने की लाइन में लगे अरब देश
दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री कू यून चेओल ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ को बताया, “अभी मध्य-पूर्व के देश दक्षिण कोरियाई मिसाइलें खरीदने के लिए लाइन में लगे हुए हैं. वे दक्षिण कोरिया से हथियार इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि वे बहुत सटीक हैं, वे 90 फीसद से ज़्यादा सफलता दर के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर देते हैं.” हालांकि, मंत्री ने यह नहीं बताया कि कौन से देश और ज्यादा सप्लाई पाने की दौड़ में शामिल हैं.

अमेरिकी हथियारों पर कम होती अरब की निर्भरता
भले ही ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों का मुकाबला करने के लिए मध्य पूर्व में पैट्रियट और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम तैनात किए गए हैं, लेकिन मांग अब तेजी से साउथ कोरिया के सस्ते और जल्दी डिलीवर होने वाले इंटरसेप्टर की ओर बढ़ रही है. यह बदलाव अमेरिकी हथियारों पर निर्भरता कम करने की व्यापक कोशिश को भी दर्शाता है.

UAE पहला ऐसा देश था जिसने Cheongung बैटरी का आयात किया और उन्हें इस्तेमाल में किया. उसने 2022 में दक्षिण कोरियाई कंपनियों LIG Nex1, Hanwha Systems और Hanwha Aerospace के साथ 10 यूनिट के लिए 3.5 अरब डॉलर का सौदा किया था. इसके बाद 2024 में सऊदी अरब और इराक ने भी इसी राह पर चलते हुए इस एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म को हासिल करने के लिए समझौते किए.

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