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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व समस्त राजपूत समाज ने राज्यसभा संसद राम जी लाल सुमन की सदस्यता समाप्त कर राष्ट्र द्रोह का मामला पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर किये जोरदार प्रदर्शन

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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व समस्त राजपूत समाज ने राज्यसभा संसद राम जी लाल सुमन की सदस्यता समाप्त कर राष्ट्र द्रोह का मामला पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर किये जोरदार प्रदर्श

कटनी /समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राज्यसभा के संसद में क्षत्रिय शिरोमणि वीर हिंदू हृदय सम्राट महाराणा सांगा पर अभद्र टिप्पणी करके उनके विरुद्ध गद्दार जैसे अश्वनी शब्दों का प्रयोग करने से देश का क्षत्रिय समाज आक्रोशित है. सां सद के खिलाफ जगह जगह हो रहे, प्रदर्शनों की कड़ी में कटनी जिला का क्ष त्रिय समाज ने वर्तमान सांसद रामजी लाल सुमन के पुतले को जूतों की माला पहनाकर,भैंस की सवारी कराते हुए, पूरे शहर का चक़्कर लगाकर पुरानी कचहरी चौक पर जोरदार नारेबाजी कर विवादित सांसद का पुतला दहन किये.क्षत्रिय समाज के आदर्श वीरसिरोमणी राणा सांगा को गद्दार कहने और इस जन्म में माफ़ी न मांगने के बयान से आज संपूर्ण भारतवर्ष का क्षत्रिय और हिंदू समाज बेहद आक्रोशित है।
राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन अभी भी अपनी टिप्पणी पर अडिग, और माफी मांगने को तैयार न होने से कटनी जिले का संपूर्ण क्षत्रिय,राजपूत व हिंदू समाज संगठित होकर उनके विरोध में सड़क पर उतर आया है . जिले का क्षत्रिय,राजपूत समाज ने विरोध जताते हुए सपा सांसद रामजी लाल सुमन का पुतला भैंस पर बैठा कर ढोल बाजे के साथ उनकी बारात निकाली।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर द्वारा अपने आक्रोश भरे लहजे में व्यक्त किया गया कि, राजनीति के चलते राजपूत समाज को बार बार टारगेट किया जा रहा है, इससे पूर्व मध्य प्रदेश के विशाल लाल साहू द्वारा, गुजरात के सांसद रूपल द्वारा क्षत्रिय समाज को टारगेट किया जा सका है. कई फिल्म डायरेक्टरों द्वारा भी क्षत्रिय समाज के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर फिल्मों में दिखाकर समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा चुका है , अतः अति के अंत को समाप्त करने हेतु क्षत्रिय समाज अब आगे और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.संपूर्ण समाज अब मुंह तोड़ जवाब देने के लिये सड़कों में उतर कर विरोध प्रदर्शन करने पर उतारू है। प्रवक्ता अखिल भारतीय क्षत्रिय महा सभा कुंवर मार्तण्ड सिँह ने कहा कि क्षत्रियों का खून अभी पानी नहीं हुआ है, उसमें अभी भी उबल बाकी है,यह वही क्षत्रिय समाज है, जिसने समाज व देश की एकता और अखंडता के लिए अपने रियासतें तक कुर्बान कर दिये थे.उसका परिणाम आज यह है कि कुछ गंदी मानसिकता के राजनैतिक नेता अपने बोट बैंक को बढ़ाने के लिये,क्षत्रियऔर हिंदू समाज को टारगेट कर रहे हैं,इसे हिन्दू समाज अब किसी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा । महाराणा सांगा द्वारा अपने शरीर पर 80 घाव होने के बाद भी वे एक हाथ व एक पैर से राष्ट्र हित में,युद्ध में बड़े वीरता से लड़ कर बलिदान हुए थे. अतः उनके बलिदान को समाज व्यर्थ नहीं जाने देगा.महाराणा सांगा हिंदू समाज के सम्मान लिए ही जिये और मरे हैं , अतः हर हिन्दू उनके सम्मान हेतु अपनी कुर्बानी देने को तैयार बैठा है।
करणी सेना परिवार से जिला अध्यक्ष गणेश सिंह चौहान द्वारा व्यक्त किया गया कि, हम अपने महापुरुषों का अपमान हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर हमें छेड़ोगे तो हम किसी भी देश द्रोही को छोड़ेंगे नहीं, इसका विरोध सड़क से लेकर संसद तक किया जायेगा ।
क्षत्रिय समाज द्वारा कटनी एस.डी. एम. प्रदीप मिश्रा को महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर मांग किया गया कि राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को राज्यसभा सदस्य से तुरन्त बर्खास्त किया जावे तथा उनके संसद के अंदर आने पर पाबंदी लगाई जावे. महापुरुष महाराणा सांगा व हिंदू समाज के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी कर गद्दार कहे जाने पर उनपर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया जावे.यदि उक्त संसद के विरुद्ध उनकी सदस्यता भंग नहीं की जाती है और राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज नहीं किया जाता है, तो क्षत्रिय समाज यह मानेगा की राज्यसभा के समस्त सदस्य रामजीलाल सुमन के वक्तव्य को समर्थन करते हैं. ऐसी स्थिति में संपूर्ण भारत वर्ष का क्षत्रिय समाज संसद का घेराव करने को मजबूर होगा।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर, गणेश सिंह, मार्तण्ड सिँह,राजेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, शैलेंद्र सिंह, मनीष सिंह, हरिशरण सिंह, सुशील सिंह, युवराज सिंह, भास्कर सिंह, कोमल सिंह, धीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, अशोक सिंह, , हुमांशु सिंह, संदीप चौहान,शुभम सिंह, सत्यम सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, वीर सिंह, उत्तम सिंह, कार्तिक सिंह, प्रभात सिंह, प्रतिभा सिंह विकास सिंह, उदयराज सिंह, देवराज सिंह, मधमेंद्र सिंह, अजय सिंह, अस्तित्व सिंह, आदर्श सिंह, रेखा सिंह, मंजू सिंह, केशव सिंह, शुभम सिंह, राजभान सिंह, राहुल सिंह, अजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गुलाब सिंह, भगवान दास राठौर, सुरेन्द्र सिँह,सुरजीत सिंह,सहित सैकड़ो राजपूत समाज के लोग उपस्थिति रहे.

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