मध्यप्रदेश में साइबर खतरे ‘PHP2Shell’ को लेकर अलर्ट: NIC की चेतावनी के बाद अपडेट हो रही हैं सरकारी वेबसाइट्स, डेटा पूरी तरह सुरक्षित
भोपाल। दुनियाभर में सरकारी और निजी वेबसाइटों की सुरक्षा पर मंडराते साइबर खतरे ‘पीएचपी2शेल’ (PHP2Shell) को लेकर मध्यप्रदेश में भी सतर्कता और चौकसी बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से मिले अलर्ट के बाद प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तुरंत एक्शन में आ गया है और उन सभी सॉफ्टवेयर को नए वर्जन से अपडेट किया जा रहा है, जिनमें सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गई थीं।
क्या है ‘PHP2Shell’ खतरा और क्यों है चिंता?
इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने पीएचपी (Hypertext Preprocessor) के दो वर्जन में सेंधमारी के बड़े जोखिम को लेकर आगाह किया था:
बिना लॉगिन के सर्वर पर कब्जा: इस सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर साइबर हमलावर (हैकर्स) दूर बैठे ही सर्वर पर अपनी मर्जी का कोड रन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें वेबसाइट पर लॉगिन करने की भी आवश्यकता नहीं होती।
डेटा चोरी का जोखिम: यदि इस खामी को दूर न किया जाए, तो हमलावर सर्वर पर पूरा नियंत्रण हासिल कर गोपनीय जानकारी चुरा सकते हैं।
प्रमुख सचिव का बयान: डेटा पूरी तरह से सुरक्षित
साइबर खतरे के अलर्ट के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम सेल्वेंद्रन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
सॉफ्टवेयर अपडेट जारी: प्रदेश की सभी प्रभावित वेबसाइटों में पीएचपी के वर्जन तेजी से अपडेट किए जा रहे हैं।
डेटा सुरक्षित: राज्य सरकार की वेबसाइटों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है और प्रदेश में कहीं से भी सेंधमारी या डेटा लीक की कोई सूचना नहीं है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है।













