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ALERT: ‘गैस सिलेंडर सरेंडर’ के नाम पर देशभर में बड़ा साइबर फ्रॉड; सरकार के नए नियम का फायदा उठा रहे ठग, ग्वालियर में अलर्ट जारी

ALERT: 'गैस सिलेंडर सरेंडर' के नाम पर देशभर में बड़ा साइबर फ्रॉड; सरकार के नए नियम का फायदा उठा रहे ठग, ग्वालियर में अलर्ट जारी

ALERT: ‘गैस सिलेंडर सरेंडर’ के नाम पर देशभर में बड़ा साइबर फ्रॉड; सरकार के नए नियम का फायदा उठा रहे ठग, ग्वालियर में अलर्ट जारी

ग्वालियर। बीते दिनों ग्वालियर-चंबल अंचल सहित पूरे देश में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की किल्लत देखी गई थी, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इस किल्लत को दूर करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने नियमों में बड़े बदलाव किए। सरकार ने उन उपभोक्ताओं से अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने (वापस करने) की अपील की थी, जिनके घरों में अब पाइप वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी (PNG) कनेक्शन चालू हो चुका है।

लेकिन, आम जनता को राहत देने वाले इसी नियम को अब शातिर साइबर ठगों ने अपना नया हथियार बना लिया है। ग्वालियर सहित देशभर में ‘गैस कनेक्शन सरेंडर’ करने और नई सेवाएं एक्टिवेट करने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं।

 कैसे जाल बिछा रहे हैं ये ‘गैस ठग’?

साइबर पुलिस के मुताबिक, ठगों ने लोगों को शिकार बनाने के लिए एक नया स्क्रिप्ट (तरीका) तैयार किया है:

  1. फर्जी कॉल और मैसेज: उपभोक्ताओं के मोबाइल पर तेल कंपनियों (जैसे इंडेन, एचपी या भारत गैस) के नाम से फर्जी कॉल या मैसेज आते हैं।

  2. कनेक्शन कटने या सरेंडर का डर: ठग उपभोक्ताओं से कहते हैं— “आपके घर में PNG लग चुका है, इसलिए आपका LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा, वरना आप पर भारी जुर्माना लगेगा या आपकी सब्सिडी ब्लॉक कर दी जाएगी।”

  3. फर्जी लिंक और ऐप: प्रक्रिया को आसान बताने के बहाने ठग पीड़ित के मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं या कोई रिमोट एक्सेस ऐप (जैसे AnyDesk या TeamViewer) डाउनलोड करवा लेते हैं।

  4. खाता साफ: जैसे ही उपभोक्ता उस लिंक पर जाकर अपनी बैंकिंग डिटेल या ओटीपी (OTP) शेयर करता है, ठग पलक झपकते ही उसके खाते से पूरी जमापूंजी पार कर देते हैं।

इन 4 बातों का रखें ध्यान, कभी नहीं होंगे ठगी के शिकार

ग्वालियर साइबर सेल और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता से अपील करते हुए कुछ बेहद जरूरी सेफ्टी टिप्स जारी किए हैं:

  • एजेंसी जाकर ही करें सरेंडर: अगर आपको अपना गैस कनेक्शन सरेंडर करना है या उससे जुड़ी कोई भी औपचारिकता पूरी करनी है, तो सीधे अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर (ऑफलाइन) जाएं। फोन पर किसी की बात न मानें।

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें: वॉट्सऐप या एसएमएस (SMS) पर आए किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक न करें जो गैस कनेक्शन अपडेट या सरेंडर करने का दावा करता हो।

  • ओटीपी (OTP) है बेहद पर्सनल: गैस सब्सिडी, सिक्योरिटी रिफंड या कनेक्शन ट्रांसफर के नाम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना आधार नंबर, बैंक डिटेल या मोबाइल पर आया ओटीपी बिल्कुल न बताएं।ALERT: ‘गैस सिलेंडर सरेंडर’ के नाम पर देशभर में बड़ा साइबर फ्रॉड; सरकार के नए नियम का फायदा उठा रहे ठग, ग्वालियर में अलर्ट जारी

  • आधिकारिक ऐप का ही करें इस्तेमाल: यदि कोई ऑनलाइन प्रक्रिया करनी भी है, तो केवल संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या उनके ऑफिशियल मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।

📞 तत्काल यहां करें शिकायत: यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड की कोशिश होती है, तो बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आपकी सतर्कता ही आपको इस नए ‘गैस फ्रॉड’ से सुरक्षित रख सकती है।

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