कटनी में 15 सितंबर तक चलेगा ‘एग्रीटेक एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान’: किसानों को शून्य ब्याज पर मिलेगा ऋण, फार्मर आईडी बनाने पर जोर

कटनी में 15 सितंबर तक चलेगा ‘एग्रीटेक एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान’: किसानों को शून्य ब्याज पर मिलेगा ऋण, फार्मर आईडी बनाने पर जोर
कटनी: रबी सीजन 2026-27 के लिए किसानों को उर्वरक (खाद) की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित कराने और कृषि की डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कटनी जिले में विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन द्वारा 20 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक “एग्रीटेक, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान” आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को इस अभियान के सुचारू व प्रभावी क्रियान्वयन के कड़े निर्देश दिए हैं।
इन प्रमुख कार्यों पर रहेगा विशेष जोर
अभियान के दौरान जिले भर के किसानों को राहत और सुविधाएं देने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
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फार्मर आईडी एवं मैपिंग: जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उनकी सूची बनाकर मिशन मोड में आईडी तैयार की जाएगी और लंबित मैपिंग मामलों का निराकरण होगा।
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पैक्स सदस्यता व KCC: प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में अधिक से अधिक नए किसानों को सदस्य बनाया जाएगा और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी किए जाएंगे।
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0% ब्याज पर ऋण: पात्र कृषक सदस्यों को शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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ई-टोकन व ई-विकास प्रणाली: किसानों को ई-टोकन प्रणाली और ई-विकास पोर्टल की सुविधाओं का लाइव प्रदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उर्वरक एवं मृदा जागरूकता: किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, अत्यधिक रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के आधार पर जैविक खाद और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) की जानकारी दी जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था व नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
अभियान को जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से चलाने के लिए कलेक्टर ने विभागीय जिम्मेदारियां तय की हैं:
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अनुभाग स्तर पर: अनुविभागीय अधिकारी (SDM/राजस्व) को नोडल अधिकारी तथा संबंधित तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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ग्राम पंचायत स्तर पर: शिविरों के लिए स्थल, मुनादी और प्रचार-प्रसार की कमान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) संभालेंगे।
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सहकारिता व कृषि विभाग: पैक्स में नए सदस्य जोड़ने, केसीसी और शून्य ब्याज ऋण के लिए सहकारिता बैंक प्रबंधक जिम्मेदार होंगे। वहीं, ई-टोकन प्रशिक्षण और संतुलित उर्वरक के प्रति जागरूक करने का जिम्मा कृषि विभाग के उपसंचालक का होगा।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








