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सर्पदंश के बाद इलाज से सुधर रही थी हालत परिजन ले गए झाड़फूँक के लिए हो गई युवक की मौत

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कटनी। मौसम में बदलाव के बाद सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इलाज के अलावा झाड़फूँक पर लोग आज भी विश्वास करते हैं लेकिन झाड़पफूँक से पहले सर्पदंश का डॉक्टर से इलाज ही अच्छा है।  ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश को लेकर तमाम भ्रांतियां हैं।

ऐसा ही एक मामला फिर आया जिसके अनुसार विजय गोटिया 25 निवासी पनागर/जबलपुर घर मे जमनीं पर सो रहा था देर रात सांप ने काटा, परिजनों ने पनागर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने इंजेक्शन दिया जिससे हालात में सुधार हुआ। परिजनों ने झाड़फूंक के लिए रीठी/मुहास ले कर आये झाड़फूंक के बाद हालात बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी इलाज दौरान मौत होगी।

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