दतिया हार के बाद BJP जिला कार्यकारिणी भंग- पूर्व विधायक अवधेश नायक का नरोत्तम मिश्रा पर बड़ा हमला, बोले- ‘पुत्र मोह में कराया केस’
Datia Politics Update: दतिया में बीजेपी का अंदरूनी घमासान तेज! कार्यकारिणी भंग होते ही अवधेश नायक ने खोली नरोत्तम मिश्रा की पोल
दतिया हार के बाद BJP जिला कार्यकारिणी भंग- पूर्व विधायक अवधेश नायक का नरोत्तम मिश्रा पर बड़ा हमला, बोले- ‘पुत्र मोह में कराया केस’
दतिया/भोपाल): दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर का अंदरूनी असंतोष अब खुलेआम सड़कों और सोशल मीडिया पर आ गया है. चुनाव में मिली हार की गाज गिरते ही भाजपा संगठन ने पूरी दतिया जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करने का बड़ा फैसला लिया है.
संगठन की इस सख्त कार्रवाई के तुरंत बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक अवधेश नायक का बेहद तीखा और हमलावर बयान सामने आया है. उन्होंने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया है.
‘साथ रहकर भीतरघात करने वालों को मिला सबक- अवधेश नायक
अवधेश नायक ने अपनी फेसबुक पोस्ट में संगठन द्वारा पूरी कार्यकारिणी को भंग किए जाने के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने लिखा कि संगठन का यह कदम पार्टी के अंदर रहकर ‘भीतरघात’ (जयचंद की भूमिका निभाने वालों) करने वाले नेताओं के लिए एक बहुत बड़ा सबक है.
‘2018 में आका ने पुत्र मोह में मुझे बदनाम किया’
अपनी फेसबुक पोस्ट में 2018 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अवधेश नायक ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम लिए बिना उन पर सीधा निशाना साधा.
अवधेश नायक ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा:
“2018 में तुम्हारे आका ने अपने पुत्र मोह में मुझे बदनाम किया. पूरे पांच साल तक इसी खुन्नस में इंदौर में मेरे खिलाफ केस दर्ज करवाया गया. लेकिन जब भाजपा संगठन ने उस केस के सबूत मांगे, तो पूर्व गृहमंत्री एक भी प्रमाण पेश नहीं कर पाए.”
दतिया भाजपा में गुटबाजी हुई उजागर
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान चल रही थी. चुनाव में मिली हार के बाद कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए जा रहे थे.
पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग किए जाने और पूर्व विधायक अवधेश नायक के इस खुले बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति और खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है.








