Aanganbadi की Ladli Bahna पढ़ाएंगी Ladli Laxmi को भारत का यह इतिहास। राज्य सरकार अब तीन से छह साल (आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने वाले) के बच्चों को चंद्रशेखर आजाद, टंट्या भील, रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई आदि स्थानीय जननायकों का इतिहास सरल भाषा में समझाएगी।
उन्हें बाल्यावस्था में ही बताया जाएगा कि देश और उनके क्षेत्र में कैसे-कैसे महानायक पैदा हुए हैं और उन्होंने समाज और देश के लिए क्या-क्या किया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि ऐसा करने से बच्चों में बाल्यावस्था से ही अपने क्षेत्र और देश के प्रति स्वाभिमान का भाव जागृत होगा।
डू इट योअर सेल्फ किट
विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए स्थानीय खेल और खिलौना का ‘डू इट योअर सेल्फ’ किट तैयार कर रहा है, जिसमें विभिन्न खेल शामिल किए जा रहे हैं। इसे लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय खिलौना इकाइयों के प्रतिनिधियों की कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। जिनमें विस्तार से चर्चा होगी कि किन बातों को इसमें शामिल किया जाना है।

