सैन्य गौरव और इश्क का अनूठा संगम- नासिक में पासिंग आउट परेड के तुरंत बाद कैप्टन भरत ने घुटनों पर बैठकर किया प्रपोज; देश को मिले नए जांबाज पायलट
नासिक (महाराष्ट्र): भारतीय सेना के जांबाज अधिकारियों के हौसले और उनकी कड़क वर्दी के पीछे भी एक बेहद भावुक और धड़कता हुआ दिल होता है। इसका एक अद्भुत और दिल जीत लेने वाला नजारा महाराष्ट्र के नासिक में स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CATS) में देखने को मिला।
सैन्य गौरव और इश्क का अनूठा संगम- नासिक में पासिंग आउट परेड के तुरंत बाद कैप्टन भरत ने घुटनों पर बैठकर किया प्रपोज; देश को मिले नए जांबाज पायलट
यहाँ आयोजित हुई भव्य पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) सेरेमनी में जहाँ देश को सेना के नए विंग्स और जांबाज पायलट मिले, वहीं यह दिन कैप्टन भरत भारद्वाज और उनके पूरे परिवार के लिए दोहरी खुशियों की सौगात लेकर आया। कैप्टन भरत ने अपनी पेशेवर विधिक कामयाबी का जश्न मनाते हुए, सबके सामने अपनी पांच साल पुरानी विधा यानी अपने प्यार को शादी के लिए बेहद फिल्मी अंदाज में प्रपोज कर दिया।
परेड ग्राउंड में घुटनों पर बैठे कैप्टन, मंगेतर की आंखों में आए खुशी के आंसू
नासिक के ‘कैट्स’ (CATS) ग्राउंड पर जैसे ही पासिंग आउट परेड की विधिक सेरेमनी समाप्त हुई और सभी विंग्स बांटे जा चुके थे, तभी अचानक माहौल पूरी तरह बदल गया:
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सबके सामने दिल की बात: देश सेवा की विधिक कसम खाने के तुरंत बाद, कैप्टन भरत भारद्वाज ने अपनी मंगेतर को ग्राउंड के बीचों-बीच बुलाया।
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घुटनों पर बैठकर किया प्रपोज: सेना के कड़े अनुशासन के बीच, कैप्टन भरत अपनी मंगेतर के सामने घुटनों के बल बैठ गए और हाथ में अंगूठी लेकर सबके सामने उन्हें शादी के लिए प्रपोज (Marriage Proposal) किया। इस बेहद खूबसूरत और अप्रत्याशित पल को देखकर वहां मौजूद सेना के वरिष्ठ अधिकारी, अन्य विंग्स कमांडर और परिवार वाले खुशी से झूम उठे।
“इससे बेहतर दिन मेरी जिंदगी में कोई दूसरा नहीं हो सकता” — कैप्टन भरत
अपनी इस दोहरी विधिक और निजी कामयाबी पर खुशी साझा करते हुए कैप्टन भरत भारद्वाज बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने गर्व से कहा:
“आज का दिन विधिक रूप से मेरे जीवन का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक दिन है। आज हम सभी कठिन ट्रेनिंग को पूरा करके आधिकारिक तौर पर पायलट और प्रशिक्षक (Army Pilots & Instructors) बन गए हैं। वर्षों की हमारी कड़ी मेहनत आज सफल हो गई है। मुझे लगा कि अपनी साथी को शादी का विधिक प्रस्ताव देने के लिए इस पासिंग आउट परेड से बेहतर और गरिमामयी दिन कोई दूसरा नहीं हो सकता था। मैं अपने माता-पिता, परिवार और अपनी मंगेतर के लिए इस गौरवशाली दिन को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बनाना चाहता था, इसीलिए मैंने यह कदम उठाया।”
कैप्टन भरत और उनकी साथी पिछले 5 वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं और हर सुख-दुख में एक-दूसरे के मजबूत पिलर रहे हैं।







