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श्मशान के बाहर रोती मिली नवजात, महिला इंस्पेक्टर ने उठाया तो थम गया रोना

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श्मशान के बाहर रोती मिली नवजात, महिला इंस्पेक्टर ने उठाया तो थम गया रोना। राजस्थान की राजधानी जयपुर के चांदपोल स्थित मोक्षधाम (श्मशान घाट) के बाहर एक घटना की दो तस्वीरें अलग-अलग रूपों में दिखाई दीं।

श्मशान के बाहर रोती मिली नवजात, महिला इंस्पेक्टर ने उठाया तो थम गया रोना

एक तस्वीर, जिसमें मां की ममता शर्मसार होती दिखी, वहीं दूसरी तस्वीर में महिला पुलिस अफसर की मानवीय संवेदना दिखी. तस्वीरें एक 10 दिन की मासूम नवजात बच्ची की थीं, जिसे उसके माता-पिता ने मोक्षधाम के बाहर लावारिस स्थिति में छोड़ दिया था। श्मशान के बाहर रोती मिली नवजात, महिला इंस्पेक्टर ने उठाया तो थम गया रोना

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बच्ची के तेज रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए. लोग हैरान थे कि इतनी छोटी बच्ची को इस तरह खुले स्थान पर कौन छोड़ गया।

इसी दौरान उसी रास्ते से जयपुर यातायात पुलिस की महिला इंस्पेक्टर, टीआई कविता शर्मा अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं।

भीड़ देखकर वे तुरंत रुकीं और स्थिति समझते ही बच्ची तक पहुंचीं. जैसे ही उन्होंने नवजात को उठाया, वह रोना बंद कर एकदम शांत हो गई।

इंस्पेक्टर शर्मा ने बच्ची को अपने आंचल से ढकते हुए उसे मां की तरह दुलार दिया. बच्ची के चेहरे पर मुस्कान थी. मौके पर मौजूद लोग भी इस दृश्य को देख भावुक हो उठे।

बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाया गया

टीआई कविता शर्मा ने तुरंत कंट्रोल रूम और संबंधित थाने को सूचना दी. प्राथमिकता के तौर पर बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया. बच्ची को आवश्यक देखभाल करने के बाद पुलिस ने उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सुपुर्द कर दिया, ताकि आगे की प्रक्रिया कानूनी रूप से तय की जा सके।

बच्ची के मां की तलाश जारी

उधर, पुलिस इस अमानवीय घटना की तह तक पहुंचने में जुट गई है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को किसने और कब वहां छोड़ा. इसके अलावा शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों का हालिया जन्म रजिस्टर और डिलीवरी रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है. पुलिस का मानना है कि बच्ची का जन्म पिछले 8 से 10 दिनों के भीतर किसी अस्पताल में हुआ है. ऐसे में उस अवधि में दर्ज प्रसवों की जांच से बच्ची के मां तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी. एक ओर बच्ची को यूं लावारिस छोड़ जाना समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बताया, वहीं दूसरी ओर इंस्पेक्टर कविता शर्मा की संवेदनशीलता और तत्काल कार्रवाई की लोगों ने खुलकर सराहना की. फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस मामले की जांच में तेजी से जुटी हुई है।

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