Site icon Yashbharat.com

शादी के कार्ड की आड़ में साइबर ठगी का नया जाल, एपीके फाइल खोलते ही खाली हो रहे खाते

1200 675 22931149 thumbnail 16x9 kj

साइबर अपराधियों ने लोगों को फंसाने के लिए ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक हथकंडा अपनाया है। अब जालसाज मोबाइल पर शादी के डिजिटल कार्ड के रूप में एपीके फाइल भेज रहे हैं। अनजान नंबर से आने वाला यह संदेश आमंत्रण पत्र जैसा दिखाई देता है, जिसे लोग भरोसे में खोल लेते हैं और पल भर में उनकी निजी जानकारी ठगों के हाथ पहुंच जाती है।

एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस एपीके फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल में मौजूद बैंक डिटेल, ओटीपी, कॉन्टैक्ट लिस्ट और सोशल मीडिया अकाउंट तक अपराधियों की सीधी पहुंच बन जाती है। कई मामलों में ठग फोन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं और खातों से रकम उड़ा ली जाती है। आमतौर पर व्हाट्सएप पर “शादी का निमंत्रण जरूर देखें” जैसे लुभावने संदेश भेजकर लोगों को झांसे में लिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों की जिज्ञासा और सामाजिक रिश्तों का फायदा उठाकर यह खेल खेला जा रहा है। बुजुर्ग और तकनीकी रूप से कम जागरूक लोग इसका सबसे आसान शिकार बन रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आई एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। शादी के असली निमंत्रण सामान्यतः पीडीएफ या इमेज फॉर्मेट में होते हैं, एपीके फॉर्मेट में नहीं।

इंस्पेक्टर–हवलदार भी ठगी के शिकार

इस नए तरीके की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आ गए। यातायात थाने में पदस्थ इंस्पेक्टर किशोर नाग के मोबाइल पर वाहन चालान के नाम से एपीके फाइल भेजी गई। अनजाने में उन्होंने इसे डाउनलोड कर लिया। फाइल खुलते ही उनके फोन से संपर्क सूची में मौजूद सभी नंबरों पर वही एपीके अपने–आप भेज दी गई। इसी क्रम में थाने के हवलदार जावेद अली ने भी फाइल डाउनलोड कर ली और उनका मोबाइल भी प्रभावित हो गया।

बचाव के लिए क्या करें

एएसपी अनुज कुमार के अनुसार केवल एपीके फाइल डाउनलोड होने से उतना खतरा नहीं होता, असली जोखिम उसे इंस्टॉल करने पर पैदा होता है। यदि गलती से फाइल इंस्टॉल हो जाए तो तुरंत मोबाइल सेटिंग में जाकर संदिग्ध एप को अनइंस्टॉल करें। तकनीकी दिक्कत आने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन में सूचना दें। सभी थानों में एक प्रशिक्षित पुलिसकर्मी को इस तरह के मामलों में सहायता के लिए तैनात किया गया है।
पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल की जानकारी तुरंत साझा करने की अपील की है, ताकि इस संगठित साइबर ठगी पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।

Exit mobile version