भोपाल के 50 KM के दायरे में बिछा उद्योगों का महाजाल: 51 नए इंडस्ट्रियल हब से मिलेंगे 11 हजार रोजगार; जानें बैरसिया, सतगढ़ी और बड़वई का पूरा मास्टरप्लान
भोपाल: राजधानी भोपाल का औद्योगिक विन्यास अब केवल बीएचईएल (BHEL) या मंडीदीप की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिले के 50 किलोमीटर के दायरे में उद्योगों का एक विशाल महाजाल बिछ रहा है।
इस पूरे बेल्ट में वर्तमान में 88 इंडस्ट्रियल पार्क पहले से विकसित हो चुके हैं और 51 नए औद्योगिक क्षेत्र कड़ाई से आकार ले रहे हैं। खास बात यह है कि अब भारी उद्योगों के साथ-साथ अलग-अलग सेक्टर्स के लिए विशेष क्लस्टर (Sector-Specific Clusters) तैयार किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
तीन नए मेगा हब से मिलेंगे 11,000 डायरेक्ट जॉब्स
मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) के अनुसार आने वाले समय में भोपाल के पास 3 प्रमुख औद्योगिक हब पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे:
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बैरसिया (एग्रो-फूड प्रोसेसिंग हब): 33.61 हेक्टेयर में फैले इस हब में एग्रो-प्रोसेसिंग, लाइट इंजीनियरिंग और फूड पैकेजिंग की इकाइयां लगेंगी। 2026 के अंत तक निर्माण शुरू करने के लक्ष्य के साथ यहां 1,500 से 2,000 रोजगार के अवसर बनेंगे।
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सतगढ़ी (लाइट इंडस्ट्री हब): भोपाल सीमा से लगे इस इलाके के 69.91 हेक्टेयर में ऑटो एंसिलरी, असेंबलिंग यूनिट्स और एमएसएमई (MSME) क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे 3,000 से 4,000 नौकरियां पैदा होंगी।
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बड़वई (आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स हब): राजा भोज एयरपोर्ट के पास बन रहे इस हब में डेटा सेंटर, आईटी स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug & Play) सुविधा होगी। इससे सबसे ज्यादा 4,000 से 5,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सेक्टर-आधारित नए क्लस्टर्स का कड़क विन्यास
अब उद्योगों की जरूरत के हिसाब से विशेष क्षेत्र तैयार किए जा रहे हैं:
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अचारपुरा: गारमेंट और टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान।
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तामोट: प्लास्टिक और पॉलिमर इंडस्ट्रीज के लिए विकसित।
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बड़ियाखेड़ी व आष्टा: लॉजिस्टिक्स, ऑटो पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग हब।
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मीनल व सतगढ़ी: शहर की खाली पड़ी जमीनों पर नए एमएसएमई इंडस्ट्रियल एरिया।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प और विस्तार
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मंडीदीप: 60 हजार से अधिक कर्मचारियों वाले इस सबसे बड़े हब में 6 मंजिला ‘प्लग एंड प्ले’ टावर, 96 रेडी-टू-यूज यूनिट्स और 1776 सीटर वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
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गोविंदपुरा: बंद पड़ी पुरानी इकाइयों की जमीन का अधिग्रहण कर नए टेक-बेस्ड स्टार्टअप्स को आवंटित किया जा रहा है।
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बगरोदा: 19 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर एग्रो और फार्मा पैकेजिंग का कड़ा विस्तार।
भोपाल रीजनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: एक नज़र में
| इंडस्ट्रियल हब / क्षेत्र | कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर) | मुख्य सेक्टर / फोकस | अनुमानित नए रोजगार |
| बैरसिया | 33.61 हेक्टेयर | एग्रो-फूड प्रोसेसिंग व पैकेजिंग | 1,500 – 2,000 |
| सतगढ़ी | 69.91 हेक्टेयर | ऑटो एंसिलरी व MSME क्लस्टर | 3,000 – 4,000 |
| बड़वई (एयरपोर्ट पास) | प्लग एंड प्ले टावर | IT, डेटा सेंटर व इलेक्ट्रॉनिक्स | 4,000 – 5,000 |
| तामोट | 41 हेक्टेयर विस्तार | प्लास्टिक एवं पॉलिमर | – |
| बड़ियाखेड़ी | 55.5 हेक्टेयर विस्तार | लॉजिस्टिक्स एवं ऑटो पार्ट्स |
