jabalpur

60 में से & लायसेंस सही, बाकी सब फर्जी

जबलपुर, मुनप्र। एसटीएफ के द्वारा पिछले दिनों मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किए गए डीडी जैकब मनीष एडविन सिंह और दमोह निवासी शेख शाहिद को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में फर्जी शस्त्र लायसेंस और हथियारों की सप्लाई का मामला उजागर किया था। जैकब और उसके साथियों से की गयी पूछताछ के बाद पुलिस ने जबलपुर के गोरखपुर से जगदीश यादव नामक एक शख्स को और गिरफ्तार किया था जिसने गैंगस्टर विजय यादव और एक शराब व्यापारी को हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकारी थी। वर्तमान में ये सभी आरोपी भोपाल जेल में हैं और इनके द्वारा लगायी गयी जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। एसटीएफ सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद एसटीएफ की एक टीम दमोह भेजी गयी थी जहां 60 लायसेंसों की जांच की जाना था जो इन लोगों के द्वारा बनवाये गए थे। सूत्रों की मानें तो 60 में से मात्र तीन लायसेंस ही सही पाये गए हैं जबकि बाकी सभी लायसेंस फर्जी मिले हैं। एसटीएफ अब इस आधार पर पड़ताल करने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि एसटीएफ जबलपुर इकाई ने मुखबिर से मिली सूचना के बाद 6 अक्टूबर को मूलतः कटनी निवासी डी डी जैकब को हिरासत में लिया था जो एम्यूनेशन सप्लाई की नियत से जबलपुर में घूम रहा था। मुखबिर द्वारा बताये गए ठिकाने पर जब एसटीएफ की टीम ने दबिश दी तो डीडी जैकब के साथ उसका मुख्य सहयोगी मनीष एडविन सिंह को इंडिको कार में पकड़ा गया था। उनके कब्जे से उस समय कार की पिछली सीट के नीचे 12 बोर के तीन डिब्बे में 70 एमएम के कुल तीस नग कारतूस 12 बोर 65 एमएम दो डिब्बे में कुल 20 नग कारतूस तथा &2 नंबर के आठ डिब्बे में कुल 160 नग कारतूस के अलावा &15 के दो डिब्बे में 20 नग कारतूस बरामद किए गए थे। इसके अलावा इनके पास से सैकड़ों की तादाद में फर्जी लायसेंस हथियार आर्म्स डीलरों के खाली लैटर पैड और अधिकारियों की फर्जी सील आदि भी बरामद की गयी थीं। पुलिस ने जैकब को रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ भी की थी और करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा लोगों के नाम सामने आये थे जो एसटीएफ के निशाने पर हैं। एसटीएफ लगातार इस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।

Leave a Reply

Back to top button