कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 5 की मौत, मलबे में 45 लोग फंसे, सेना का रेस्क्यू जारी
कोलकाता डेस्क: पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके से एक बेहद दुखद खबर आ रही है। यहां बुधवार दोपहर को एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर ढह गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार का माहौल पैदा हो गया। ऑल इंडिया रेडियो की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
ब्रेस ब्रिज के पास हुआ हादसा; मलबे में दबे दर्जनों मजदूर
यह पूरी घटना तारातला इलाके में ब्रेस ब्रिज के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम में घटित हुई:
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मलबे में दबी जिंदगियां: घटना के समय गोदाम के भीतर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा था और कई मजदूर वहां मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि छत गिरने के कारण करीब 40 से 45 लोग मलबे के नीचे ही दब गए हैं।
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दहशत का माहौल: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत गिरने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा। आवाज सुनकर भारी संख्या में स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर दौड़ पड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें
हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए चौतरफा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है:
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संयुक्त बचाव अभियान: सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन समूह (DMG) और नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं।
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सेना ने संभाला मोर्चा: मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने भी मोर्चे को संभाल लिया है। सेना की मौजूदगी से राहत कार्य में तेजी आई है।
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मशीनों का इस्तेमाल: लोहे के भारी बीम और कंक्रीट के बड़े स्लैब को हटाने के लिए जेसीबी, बड़ी क्रेनों और आधुनिक हाइड्रोलिक कटर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब तक 4 लोग सुरक्षित निकाले गए, कड़ा पहरा तैनात
अधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, राहत दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक चार लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया है। कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 5 की मौत, मलबे में 45 लोग फंसे, सेना का रेस्क्यू जारी
चूंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के अंदर दबे होने की आशंका है, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन को बिना रोके लगातार चलाया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर (Cordoned Off) लिया है ताकि भीड़ के कारण बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।








