4.5 करोड़ लोगों को फ्री में मिला LPG सिलेंडर, जानिए कौन और कैसे उठा सकता है स्कीम का फायदा

lpg cylinder price 01 11 2017

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में केंद्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन किया हुआ है. इस बीच गरीब वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने 5 मई, 2020 तक 39 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP) के तहत 34,800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India Nirmala Sitharaman) ने इसकी जानकारी ट्विटर पर ट्वीट कर के दी है. इसी राहत पैकेज के तहत उज्ज्वला स्कीम (Ujjwala Yojana) में केंद्र सरकार मुफ्त LPG सिलेंडर बांट रही है. सरकार की इस स्कीम के तहत 4.5 करोड़ उज्जवला लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर दिए गए हैं. सरकार की इस स्कीम का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिल सकेगा, जो इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड. आइए आपको बताते हैं कि कैसे और कौन उठा सकता है इस स्कीम का फायदा.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि चार मई से लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद मई में मुफ्त गैस सिलेंडर लेने वाले उज्जवला लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी.

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ो के मुताबिक, अप्रैल माह में करीब चार करोड़ 50 लाख लाभार्थियों ने सिलेंडर बुक कराया है. इसमें से अधिकतर उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंच गए हैं. कुछ लाभार्थियों ने अप्रैल महीन के अंत में बुकिंग कराई है, ऐसे में एक-दो दिन में उनके घर तक गैस सिलेंडर पहुंच जाएगा. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह काफी बड़ा आंकड़ा है.

मई में गैस सिलेंडर बुकिंग में और वृद्धि होगी. प्रधानमंत्री उज्जवला गैस के सभी लाभार्थियों तक पहला मुफ्त गैस सिलेंडर पहुंचाने के लिए केंद्र ने दो अप्रैल को बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए थे. इनमें से जिन लाभार्थियों ने अप्रैल में सिलेंडर बुक करा दिया है, उनके खाते में दूसरे सिलेंडर के पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएगें.

मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य-लाभ लेने के लिए LPG सिलेंडर लेने के लिए ग्राहक का मोबाइल नंबर रजिस्टर होना अनिवार्य है. इसका मतलब है कि जिन लाभार्थियों का मोबाइल नबंर गैस एजेंसी के पास ​रजिस्टर्ड है, उन्हें ही इस स्कीम का लाभ मिल सकेगा. इस स्कीम के तहत लाभ देने के लिए सरकार ने पूरी तैयार करने के बाद सिलेंडरों की सप्लाई भी शुरू कर दी है. इसके लिए पहले लाभार्थी के खाते में सिलेंडर की रकम जमा होगी. इसके बाद वह गैस बुक कराएगा और नकद भुगतान कर सिलेंडर लेगा.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई, 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में किया था. 8000 करोड़ योजना के कार्यान्वयन के लिए आवंटित किए गए थे. योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से गरीब परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के लिए ईंधन उपलब्ध कराना है.

एक महीने में मिलेंगे इतने सिलेंडर
उज्ज्वला स्कीम के तहत 14.2 किलोग्राम वाले 3 LPG सिलेंडर ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में दिए जाएंगे. 1 महीन में एक ही सिलेंडर मुफ्त में दिया जाएगा. जिन लोगों के पास 5 किलो वाले सिलेंडर हैं, उन्हें 3 महीने में कुल 8 सिलेंडर दिये जाएंगे. यानी एक महीने में अधिकतम 3 सिलेंडर ही फ्री मिलेंगे.

मुफ्त अनाज और नकद भुगतान की घोषणा
PMGKP के तहत सरकार महिलाओं, गरीब, वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को मुफ्त अनाज और नकद भुगतान की घोषणा की थी. बता दें कि सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है, जिससे गरीब लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है. इसी पैकेज के अंतर्गत पीएम किसान, जनधन योजना आदि के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है.

अप्रैल में 4 करोड़ 50 लाख लाभार्थियों ने सिलेंडर बुक कराया
पचास फीसदी से अधिक प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना के लाभार्थियों ने मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ लिया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि चार मई से लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद मई में मुफ्त गैस सिलेंडर लेने वाले उज्जवला लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी.पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ो के मुताबिक, अप्रैल माह में करीब चार करोड़ 50 लाख लाभार्थियों ने सिलेंडर बुक कराया है. इसमें से अधिकतर उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंच गए हैं.

ऐसे करें गरीब कल्याण योजना में आवेदन
आपको जानकर थोड़ी हैरानी हो सकती है मगर पीएम गरीब कल्याण य़ोजना में आवेदन करने के लिए कोई प्रोसेस अलग से नहीं बनाया गया है. नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद आई इस योजना को शुरू किया गया था. इस स्कीम के तहत अपनी अघोषित आय का खुलासा करने वालों को टैक्स में 50 फीसदी छूट तय की गई थी. साथ ही इसमें से 25 फीसदी राशि 4 सालों तक सरकार के पास रखने का नियम बनाया गया. यह रकम बिना किसी ब्याज के 4 साल बाद सरकार उस व्यक्ति को लौटा देगी. सरकार ने कहा था कि इसी रकम को गरीब कल्याण योजना फंड में रख कर कल्य़ाणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा.