गुना। मध्य प्रदेश के गुना में मानव तस्करी से जुड़ा सनसनीखेज़ मामला प्रकाश में आया है. तस्करी के इस सनसनीखेज़ मामले में दो युवतियों की गिरफ़्तारी भी हुई है, जिनके पास से बंधक बनाकर रखी गई एक नाबालिग लड़की को भी पुलिस ने बदमाशों के चंगुल से रिहा कराया है.
दरअसल 31 जनवरी से गायब एक आदिवासी नाबालिग लड़की की खोज में पुलिस जुटी हुई थी. 20 दिनों से लापता लड़की को ढूँढने में जुटी कैंट पुलिस को सूचना मिली कि किसी नाबालिग को बूढ़े बालाजी क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से बंधक बनाकर रखा गया है.
सूचना मिलते ही कैंट पुलिस ने मौके पर दबिश दी तो घर के अंदर से पीड़ित को बरामद कर लिया गया, वहीं दो युवतियों को गिरफ्तार किया है साथ ही प्रखर नामदेव नाम के एक युवक को भी पकड़ा गया है. हालांकि घटनास्थल से मकानमालिक रसीद खान और उसकी पत्नी शहनाज़ फरार होने में कामयाब हो गए.
पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि नाबालिग को बेचे जाने की तैयारी थी. पहले तो नाबालिग आदिवासी लड़की का ब्रेन वाश किया गया फिर उसका रहन सहन बदलते हुए मुंबई ट्रांसफर करने की तैयारी की गई थी. पुलिस की गिरफ्त में आई युवतियों के है प्रोफ़ाइल कॉन्टेक्ट्स भी हैं, जिनका इस्तेमाल करने की भी पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा.
बताया जा रहा है की पूरा मामला नाबालिगों को देह व्यापार में जबरन धकेलने से भी जुडा हुआ है. अपनी गुमशुदा बेटी के मिलने की खबर के बाद परिजन कैंट थाने पहुँच गए और इस रैकिट से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन किया.
पीड़ित नाबालिग के परिजनों ने बताया की मानव तस्करी से जुड़े इस मामले का खुलासा होना चाहिए क्योंकि भविष्य में किसी दूसरी बच्ची के साथ ऐसी घटना न घटे. गौरतलब है कि जिले में लगभग एक दर्जन लड़कियों की गुमशुदगी हो चुकी है जिनकी तलाश में जिले की पुलिस जुटी हुई है.

