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𝗥𝗼𝗴 𝗣𝗮𝗻𝗰𝗵𝗮𝗸 𝟮𝟬𝟮𝟱: 15 अगस्त से शुभकार्य फिर से शुरू- जानें अब क्या कर सकते हैं और क्या टालें?

𝗥𝗼𝗴 𝗣𝗮𝗻𝗰𝗵𝗮𝗸 𝟮𝟬𝟮𝟱: 15 अगस्त से शुभकार्य फिर से शुरू- जानें अब क्या कर सकते हैं और क्या टालें?

𝗥𝗼𝗴 𝗣𝗮𝗻𝗰𝗵𝗮𝗸 𝟮𝟬𝟮𝟱: 15 अगस्त से शुभकार्य फिर से शुरू- जानें अब क्या कर सकते हैं और क्या टालें?

𝗥𝗼𝗴 𝗣𝗮𝗻𝗰𝗵𝗮𝗸 𝟮𝟬𝟮𝟱: 15 अगस्त से शुभकार्य फिर से शुरू- जानें अब क्या कर सकते हैं और क्या टालें?।  अगस्त माह के पंचक को रोग पंचक कहा गया है. अगर पंचक की शुरुआत रविवार के दिन से होती है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है. पंचक एक विशेष काल है, जिस समय चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करता है और धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में भ्रमण करता है उस काल को पंचक कहा जाता है।

𝗥𝗼𝗴 𝗣𝗮𝗻𝗰𝗵𝗮𝗸 𝟮𝟬𝟮𝟱: 15 अगस्त से शुभकार्य फिर से शुरू- जानें अब क्या कर सकते हैं और क्या टालें?पंचक हर महीने पड़ने वाले वो 5 दिन होते हैं जिनको हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में हर काम को शुरू करने से शुभ या अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. इसीलिए पंचक वो पांच दिन होते हैं जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते.

अगस्त 2025 में कब समाप्त होंगे पंचक?

पंचांग के अनुसार 14 अगस्त, गुरुवार 2025 को पंचक सुबह 9.06 मिनट पर समाप्त हो जाएंगे. रोग पंचक के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, इस दौरान मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं. साल 2025 में अगस्त माह में पंचक की शुरुआत रविवार के दिन से हुई थी, इसलिए इसको रोग पंचक कहेंगे.

रोग पंचक (Rog Panchak)

इस दौरान शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है. दक्षिण दिशा की ओर यात्रा न करें. पंचक के दौरान चारपाई बनवाना अशुभ होता है.
रोग पंचक के दौरान लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दौरान यात्रा करते समय सावधानी बरतें. साथ लोगों को चोट और बुखार जैसी समस्या हो सकती है.
रोग पंचक के दौरान ध्यान, प्रार्थना, और शांति पाठ करें, ऐसा करना शुभ होता है. इस दौरान किसी भी तरह की सर्जरी, इलाज करवाने से बचना चाहिए.

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