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Jabalpur: हत्या कर The End लिखने वाले पुलिस के हत्थे चढे, इसलिए नौकर ने दिया था वारदात को अंजाम

jabalpur bjym leader murder

जबलपुर। Jabalpur BJYM Leader Murder Case : भेड़ाघाट क्षेत्र में स्वर्गद्वारी के पास भाजयुमो नेता की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए दुकान के कर्मचारी और मृतक के दो दोस्त ने मिलकर उसकी हत्या करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी अमित सिंह ने बताया कि 14 जून की दोपहर भेड़ाघाट पंचवटी निवासी ऋषभ जैन (27) भाजयुमो नेता और मूर्ति दुकान संचालक का शव स्वर्गद्वारी में रेत में गड़ा हुआ मिला था। वहीं उसकी बाइक जंगल में खड़ी मिली थी। मामले को देखते हुए किसी करीबी के होने की आशंका थी। मामले में एएसपी ग्रामीण डॉ. राय सिंह नरवरिया और एएसपी क्राइम शिवेश सिंह बघेल के निर्देशन में टीम को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। टीम ने संदेह के आधार पर खेरमाई मंदिर के पास वार्ड नं 3 भेड़ाघाट निवासी पुरुषोत्तम रजक उर्फ भोला (25) जो भाजपा का पदाधिकारी है। भेड़ाघाट वार्ड नं 7 निवासी वीरेन्द्र उर्फ बाबू भूमिया (28) और वार्ड नं 2 भेड़ाघाट निवासी शिवा उर्फ शिब्बू भूमिया (22) को गिरफ्तार किया। इसमें आरोपित पुरुषोत्तम उर्फ भोला रजक भ़ेडाघाट स्थित शगुन होटल में कपड़े धोने और प्रेस करने का काम करता था और मृतक ऋषभ से उसकी अच्छी दोस्ती थी। साथ में घूमना फिरना था। वहीं बाबू उर्फ वीरेन्द्र भूमिया भेड़ाघाट में अण्डे की दुकान लगाता था। जबकि आरोपित शिवा उर्फ शिब्बू भूमिया मृतक ऋषभ की दुकान में कारीगर था। तीनों कर्ज से परेशान थे।

कर्ज से छुटकारा पाने बनाई थी योजना

तीनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वह ऋषभ को शराब पिलाकर उसे बेहोश कर रेत में गड़ाने और उसके मोबाइल से उसके परिजन से दो लाख रुपए की मांग करने का प्लान बनाया था। इससे वह तीनों अपना कर्ज उतार देते। यह प्लान 15 दिन पहले बनाया गया था।

13 जून की सुबह से ही की ऋषभ की रैकी

पूछताछ में पुलिस को योजना के मुताबिक पुरुषोत्तम रजक ने बताया कि 13 जून की सुबह 10.30 बजे ऋषभ दुकान खोलकर घर की ओर गया। तभी से उसकी रैकी करना शुरू कर दिया। शाम 6 बजे भोला और बाबू के घर गया और उनको प्लान बताया। रात लगभग 9 बजे पुरुषोत्तम उर्फ भोला अपनी बाइक से बाबू और शिब्बू को स्वर्गद्वारी के पास ले गया। जहां बाबू और शिब्बू छुप गए। पुरुषोत्तम ने ऋषभ को फोन करके शराब पीने के लिए स्वर्गद्वारी में बुलाया। 5 मिनट में ऋषभ स्वर्गद्वारी सीढ़ी के पास पहुंचा और भोला और ऋषभ नीचे बैठकर शराब पीने लगे। तभी भोला ने ऊपर से बाबू को इशारा किया, तो बाबू ने ऋषभ के सिर पर एक बड़ा पत्थर फेंका। पत्थर ऋषभ के सिर के पीछे लगा और उसे चोट आई। इसके बाद पत्थर सिर पर पटककर ऋषभ की हत्या कर दी। वहीं उसका शव बोरे में छुपाकर बाइक में रखा और कुछ दूर रेत में शव को रखकर गड़ा दिया। वहीं फावड़े को नदी में फेंक दिया और ऋषभ का मोबाइल अपने पास रख लिया। जब ऋषभ का शव पुलिस को मिला, तो मोबाइल को नया पुल के नीचे कुंड में फेंक दिया। आरोपितों के बताने पर कुंड से मोबाइल जब्त किया गया है। आरोपितों से अन्य सामान जब्त करने के लिए रिमांड पर लिया गया है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए टीआई भेड़ाघाट शशि विश्वकर्मा, क्राइम ब्रांच के धनंजय सिंह, विजय शुक्ला, आरक्षक बीरबल, मोहित उपाध्याय, दीपक रघुवंशी, नितिन, भेड़ाघाट के उनि आरएस उपाध्याय, अशोक मंडावी, शिवचरण दुबे, आरक्षक हरिओम, छन्नूलाल, दिनेश, रूपेश, माधुरी की सराहनीय भूमिका रही। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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